बजट सत्र : लोकसभा में पीएम के भाषण के बिना राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पारित, राज्यसभा में बोलेंगे मोदी

राज्यसभा में नड्डा और खरगे के बीच तकरार, संसद में गतिरोध बरकरार
नई दिल्ली। लोकसभा में आठ सांसदों के निलंबन और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के वक्तव्य को कथित तौर पर रोके जाने के मुद्दे पर सत्तापक्ष और विपक्षी दलों के बीच गतिरोध बरकरार है। स्पीकर ओम बिरला ने हंगामे पर नाराजगी जताते हुए सदन की कार्यवाही शुरू होते ही स्थगित कर दी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार को शाम 5 बजे राज्यसभा में बोलेंगे। वह राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव का जवाब देंगे। विपक्षी सदस्यों की नारेबाजी के बीच लोकसभा ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पारित किया। ये प्रस्ताव बिना प्रधानमंत्री के भाषण के पारित हुआ।
किरेन रिजिजू ने विपक्ष को आड़े हाथों लिया
राज्यसभा में विपक्षी दलों की तरफ से हंगामे और नारेबाजी के बीच संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि कांग्रेस पार्टी अगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जवाब नहीं सुनना चाहती तो उन्हें इसका पूरा अधिकार है, लेकिन अन्य विपक्षी दल और सांसद पीएम मोदी के जवाब को सुनना चाहते हैं। विपक्ष और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को आड़े हाथों लेते हुए किरेन रिजिजू ने कहा कि राज्यसभा संसद का उच्च सदन है, यहां की कार्यवाही नियमों के मुताबिक होनी चाहिए। खरगे को राहुल गांधी से बात कर उन्हें समझाना चाहिए। बीते चार दिनों से राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा कराई जा रही है, लेकिन आज राज्यसभा में लोकसभा की कार्यवाही पर चर्चा नहीं होनी चाहिए।
कांग्रेस के नेता महिला सांसदों को आगे धकेलते हैं : सांसद दिनेश शर्मा
कल संसद में विपक्षी सांसदों द्वारा भाजपा नेताओं की सीटों को कथित तौर पर अवरुद्ध करने के मामले में भाजपा सांसद दिनेश शर्मा ने कहा, “संसद में कांग्रेस के नेता महिला सांसदों को आगे धकेलते हैं और देश के प्रधानमंत्री के रास्ते में बाधा डालते हैं। आप प्रधानमंत्री का नहीं, बल्कि देश के विकास का मार्ग अवरुद्ध कर रहे हैं। आप जनता के प्रति जवाबदेही से बच रहे हैं।
हम चाहते हैं कि संसद सुचारू रूप से चले : कार्ति चिदंबरम
कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम ने कहा, हर सांसद का यही उद्देश्य होता है कि सदन सुचारू रूप से चले, इसीलिए हम सत्र में आते हैं। हमारे पास सदन में उठाने के लिए कई मुद्दे हैं। हम स्वस्थ बहस और चर्चा चाहते हैं और विपक्ष को अपनी बात कहने का अवसर मिलना चाहिए। सरकार यह तय नहीं कर सकती कि हम क्या कहेंगे, उसका लहजा, अवधि, ढांचा या विषयवस्तु क्या होगी। हम राष्ट्र से जुड़े गंभीर मुद्दों को उठाना चाहते हैं। हम चाहते हैं कि संसद सुचारू रूप से चले।
सिख समुदाय का निश्चित रूप से अपमान हुआ : जगदंबिका पाल
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के बयान पर भाजपा सांसद जगदंबिका पाल ने कहा, सिख समुदाय का निश्चित रूप से अपमान हुआ है। राहुल गांधी के बयानों से क्या वह वास्तव में देश के दुश्मन नहीं हैं? वह संसद और लोकतांत्रिक मूल्यों के दुश्मन हैं। यह शायद पहली बार है कि राहुल गांधी के एक मुद्दे पर अड़े रहने के कारण राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चार दिनों तक चली चर्चा पूरी तरह से व्यर्थ हो गई। भाजपा सांसद जगदंबिका पाल ने कहा, कल की घटनाओं ने संसदीय लोकतंत्र को गहरा आघात पहुंचाया है। राष्ट्रपति के अभिभाषण पर प्रस्तुत धन्यवाद प्रस्ताव में सत्ताधारी दल और विपक्ष द्वारा उठाए गए सभी प्रश्नों का उत्तर बाद में होने वाली चर्चा में दिया जाता है। कल लोकतंत्र में एक अभूतपूर्व घटना घटी। पहली बार प्रधानमंत्री मोदी को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर बोलने का कोई अवसर नहीं दिया गया। यह एक सोची-समझी साजिश थी।
राज्यसभा में बोले नड्डा अपनी पार्टी को अबोध बालक का बंधक नहीं बनाएं, खरगे ने दर्ज की आपत्ति
राज्यसभा में आज कार्यवाही शुरू होने के बाद सभापति सीपी राधाकृष्णन की अनुमति से सदन के नेता जेपी नड्डा ने कुछ अहम मुद्दे उठाए। विपक्ष के नेता के रवैये पर सवाल उठाते हुए नड्डा ने खरगे से कहा कि अपनी पार्टी को अबोध बालक का बंधक मत बनने दीजिए। इसके साथ ही नड्डा और खरगे के बीच तकरार देखने मिली। जेपी नड्डा ने आगे कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार हर समय और सभी विषयों पर चर्चा के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि लोकसभा में पीएम मोदी जवाब देने के लिए तैयार बैठे रहे, लेकिन विपक्ष ने लोकसभा को चलने नहीं दिया। जहां तक राज्यसभा का सवाल है, विपक्ष ने कहा कि सरकार भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर बयान दे। इसके बाद पीयूष गोयल ने बयान दिया। बयान पर कहा गया कि ट्रेड डील का ब्योरा साझा किया जाए। सरकार ने कहा कि विवरण तैयार होने के बाद आने वाले दिनों में सबको बता दिया जाएगा।
राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान विपक्षी दलों के रवैये को लेकर नड्डा ने कहा, विपक्ष के नेता ने निर्धारित समय से 20 मिनट अधिक समय तक भाषण दिया। हमने कोई आपत्ति नहीं की। कई और अहम टिप्पणियों के बीच नड्डा ने कहा, ‘आप हमसे बहुत सीनियर हैं, एक बात मैं जरूर निवेदन करूंगा। अपनी पार्टी को अबोध बालक का बंधक मत बनाइए। आप इतने समझदार हैं, होशियार और तजुर्बेकार हैं। आपको पार्टी के अंदर भी इस बात को समझाना चाहिए कि लोकतांत्रिक तरीके से ही हमें काम करना है। अबोध और अहंकार का जोड़ बहुत घातक होता है। इससे बचकर रहें। पार्टी को बंधक न बनने दें। आप पार्टी को स्वतंत्र रूप से चलाइए।’
राहुल गांधी को बोलने नहीं दिया गया : खरगे
राज्यसभा में बोलते हुए विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खर्गे ने कहा, “संसद का अर्थ है लोकसभा और राज्यसभा। विपक्ष के नेता, लोकसभा में, देश के हितों पर बोलना चाहते थे, लेकिन उन्हें बोलने नहीं दिया गया। इस तरह सदन कैसे चलाया जा सकता है?
हम कभी भी कांग्रेस पर बोझ नहीं थे : रवनीत सिंह बिट्टू
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के बयान पर केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने कहा, जब हम कांग्रेस में थे, तब हम पार्टी के लिए सीटें जीत रहे थे। हम कभी भी उन पर बोझ नहीं थे। फिर, जब यह स्पष्ट हो गया कि पार्टी परिवारवाद का मामला बन गई है और अब वह कांग्रेस पार्टी नहीं रही जो कभी थी, तो सभी लोग पार्टी छोडऩे लगे। अगर यह असली कांग्रेस होती, तो लोग बने रहते। मैंने कहा था कि अगर यह असली कांग्रेस होती, तो राहुल गांधी और प्रियंका गांधी खुद मेज पर चढक़र सबसे पहले निलंबित हो जाते।



