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बजट सत्र : संसद के दोनों सदन स्थगित, 9 मार्च से दूसरे चरण की शुरुआत

बजट सत्र : संसद के दोनों सदन स्थगित, 9 मार्च से दूसरे चरण की शुरुआत

नई दिल्ली। संसद की कार्यवाही आज शुक्रवार को शुरू हुई और विपक्ष के हंगामे के बीच कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी गई। इसके बाद लोकसभा की कार्यवाही 9 मार्च तक स्थगित कर दी गई है। वहीँ दूसरी ओर राजयसभा की कार्यवाही भी 9 मार्च तक के लिए स्थगित कर दी गई है। ज्यसभा में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भारत-अमेरिका डील को लेकर पूछे गए सवालों के जवाब दिए। 9 मार्च से बजट सत्र के दूसरे चरण की शुरुआत होगी।

कल राज्यसभा में वित्त मंत्री निर्मला सीतारामन ने केंद्रीय बजट पर चर्चा का जवाब दिया। उन्होंने कहा कि सरकार आर्थिक वृद्धि को बढ़ावा देकर और समावेशी विकास सुनिश्चित करते हुए सशक्त और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा महंगाई को नियंत्रित रखते हुए उच्च विकास दर सुनिश्चित की गई है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2025-26 में देश की जीडीपी वृद्धि दर 7 दशमलव 4 प्रतिशत रहने का अनुमान है। श्रीमती सीतारामन ने कहा कि खुदरा महंगाई घटकर 2 प्रतिशत हो गई है। भारतीय अर्थव्यवस्था इस समय उस मुकाम पर खड़ी है, जिसे अर्थशास्त्र की भाषा में ‘दुर्लभ संतुलन’ कहा जाता है। उन्होंने कहा कि देश में मजबूत जीडीपी वृद्धि और ऐतिहासिक रूप से कम मुद्रास्फीति का दौर कोई संयोग या ‘तुक्का’ नहीं है। उन्होंने इसे सरकार की बारीक योजना, अथक प्रयास और समयबद्ध कार्रवाई का नतीजा बताया। सीतारमण ने जोर देकर कहा कि बजट 2026-27 भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने की नींव को और मजबूत करेगा।

विपक्ष का एपस्टीन पर विरोध प्रदर्शन
कांग्रेस सांसदों ने संसद परिसर में विरोध प्रदर्शन किया, लोकसभा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा एपस्टीन फाइल्स मामले में लगाए गए आरोपों के बीच केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी के इस्तीफे की मांग की।

वन्देमातरम पर भाजपा सांसद ने कहा भडक़ाने वाले बयान नहीं देने चाहिए
भाजपा सांसद गुलाम अली खटाना ने जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष अरशद मदनी के वंदे मातरम के बारे में बयान पर कहा, वंदे मातरम् से लाखों लोगों ने ताकत ली और देश की आज़ादी की लड़ाई लड़ी। वंदे मातरम् की हमें इज्ज़त करनी चाहिए। उन्हें ऐसी बात करनी चाहिए जिससे शांति, भाईचारा बढ़े, ऐसे भडक़ाने वाले बयान नहीं देने चाहिए। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के बयान पर उन्होंने कहा, यह नरेंद्र मोदी का भारत है, हम किसी के सामने नहीं झुकते। हम तीसरे नंबर की अर्थव्यवस्था बनने जा रहे हैं। कांग्रेस ने सदन का समय बर्बाद किया है, वे कभी देश की जनता के मुद्दे नहीं उठाते।

बता दें कि ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के अध्यक्ष मौलाना साजिद रशीदी ने वंदे मातरम के सभी छंद गाने पर विरोध जताया था। उन्होंने अपने बयान में कहा कि हम सिर तो कटा सकते हैं, लेकिन राष्ट्रगीत की उन विशेष पंक्तियों (बाकी के चार छंद) का गायन नहीं करेंगे। उन्होंने आगे कहा कि 2016 में सर्वोच्च न्यायालय के एक फैसले में कहा गया कि यदि कोई वंदे मातरम के पाठ के दौरान खड़ा नहीं होता है, तो उसे देशद्रोही नहीं माना जाएगा। मेरा मानना है कि राष्ट्रगान की वे पंक्तियां, जिनमें देश को ‘मां दुर्गा’ और ‘मां सरस्वती’ आदि कहा गया है, हमारी धार्मिक आस्था के विपरीत हैं। मुसलमान अपनी जान दे सकते हैं, लेकिन अपनी धार्मिक आस्था से समझौता नहीं कर सकते। चाहे हमारे सिर काट दिए जाएं, हम उन विशेष पंक्तियों का पाठ नहीं करेंगे। यदि कोई हम पर यह आदेश थोपने का प्रयास करें, तो हम इसे सहन नहीं करेंगे। मुसलमान राष्ट्रगीत की उन विशेष पंक्तियों का पाठ नहीं करेंगे। मौलाना साजिद रशीदी ने कहा कि वंदे मातरम 1937 से ही विवाद का विषय रहा है। 1937 में उस समय के प्रमुख नेताओं, जैसे अबुल कलाम आजाद और हुसैन अहमद मदानी ने कांग्रेस को पत्र लिखकर कहा था कि वंदे मातरम की कुछ पंक्तियां हमारी (मुस्लिम समुदाय की) धार्मिक आस्था के विपरीत हैं। तब कांग्रेस ने एक प्रस्ताव पारित कर वंदे मातरम से उन कुछ पंक्तियों को हटा दिया।

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