छत्तीसगढ़

उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व में बड़ी कार्रवाई: ओडिशा से आए 4 शिकारी गिरफ्तार, 3 फरार


गरियाबंद(प्रखर) उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व क्षेत्र में वन्यजीवों के अवैध शिकार के खिलाफ वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए ओडिशा राज्य से आए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि उनके तीन साथी मौके से फरार हो गए। यह कार्रवाई 17 फरवरी 2026 को वन विभाग की सतर्क गश्ती टीम द्वारा की गई।
मिली जानकारी के अनुसार, सहायक संचालक तोंरंगा के मार्गदर्शन में वन परिक्षेत्र तोंरंगा (बफर) की टीम ने गोरगांव सर्कल अंतर्गत संरक्षित वन क्षेत्र के कक्ष क्रमांक 1153 में सघन जांच अभियान चलाया। गश्त के दौरान टीम ने वन्यप्राणियों के अवैध शिकार के उद्देश्य से लगाए गए जाल और फंदों को बरामद किया। मौके से रस्सी सहित तार फंदे 70 नग तथा क्लच वायर फंदे 108 नग जब्त किए गए, जो बड़े पैमाने पर शिकार की तैयारी की ओर संकेत करते हैं।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान इस प्रकार की गई है—
रूपधर मांझी (49 वर्ष), ग्राम फूलझरी, तहसील उमरकोट, जिला नवरंगपुर (ओडिशा);
पुनु सान्टा (31 वर्ष), ग्राम फूलझरी, तहसील उमरकोट, जिला नवरंगपुर (ओडिशा);
भीमा सान्टा (39 वर्ष), ग्राम फूलझरी, तहसील उमरकोट, जिला नवरंगपुर (ओडिशा);
विश्वनाथ सान्टा (48 वर्ष), ग्राम फूलझरी, तहसील उमरकोट, जिला नवरंगपुर (ओडिशा)।
वन अपराध प्रकरण क्रमांक 96/06 दिनांक 16 फरवरी 2026 के तहत आरोपियों के विरुद्ध वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम 1972 की विभिन्न धाराओं— 2(16)(b), 9, 27, 29, 30, 31, 39, 44, 50, 51 एवं 52 के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया है। आरोपियों को माननीय मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, प्रथम श्रेणी न्यायालय गरियाबंद के समक्ष पेश कर रिमांड पर लिया गया, जिसके पश्चात उन्हें जिला जेल गरियाबंद में दाखिल किया गया।
वन विभाग ने बताया कि यह कार्रवाई शिकार की बढ़ती गतिविधियों पर रोक लगाने और संरक्षित क्षेत्र में वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई है। फरार आरोपियों की तलाश जारी है और संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।
इस पूरी कार्रवाई में वन परिक्षेत्र अधिकारी तोंरंगा (बफर) के नेतृत्व में सहायक परिक्षेत्र अधिकारी गोरगांव, वनरक्षक, परिक्षेत्र रक्षक, पेट्रोलिंग श्रमिकों तथा अन्य विभागीय कर्मचारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। विभाग ने स्पष्ट किया है कि संरक्षित क्षेत्रों में अवैध शिकार और वन अपराधों के विरुद्ध अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।
वन्यजीव संरक्षण के प्रति सख्त रुख अपनाते हुए विभाग ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल वन विभाग को दें, ताकि वन्य संपदा और दुर्लभ प्रजातियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

Author Desk

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button