राष्ट्रपति मैक्रों की पीएम मोदी से अपील, कहा फ्रांस की तरह 15 साल के बच्चों के लिए बंद करें सोशल मीडिया

राष्ट्रपति मैक्रों की पीएम मोदी से अपील, कहा फ्रांस की तरह 15 साल के बच्चों के लिए बंद करें सोशल मीडिया
नई दिल्ली। इण्डिया एआई समिट 2026 में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने पीएम मोदी से आह्वान किया कि वे भी 15 साल की उम्र से कम के बच्चों के लिए सोशल मीडिया बैन कर दें। मैक्रों ने कहा कि फ्रांस ने 15 साल के बच्चों के लिए सोशल मीडिया बंद कर दिया है। हम इस रास्ते पर आगे निकल चुके हैं। प्रधानमंत्री मोदी भी इसी रास्ते पर चलेंगे। इसके साथ ही, मैक्रों ने भारत में बढ़ते डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर की तारीफ भी की। फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों बोले, बच्चों और किशोरों की सुरक्षा के लिए प्रधानमंत्री मोदी भी इस क्लब में शामिल होंगे।’ मैक्रों ने उम्मीद जताई कि प्रधानमंत्री मोदी बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर बैन लगाने के लिए कार्रवाई करेंगे। उन्होंने आगे कहा, बच्चों की सुरक्षा कोई नियम नहीं, बल्कि सभ्यता है।
विभाजन के बजाय जोडऩे पर करना होगा फोकस
फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों बोले, ऐसे वक्त में जब टेंशन बढ़ रही है, हमारे सभी डिजिटल टूल्स को इस समावेशी दृष्टिकोण की तरफ निर्देशित करने की जरूरत और भी बढ़ गई है, ताकि हम ना सिर्फ भारत में बल्कि अफ्रीकी महाद्वीप में भी मजबूत हो सकें। आइए हम सब मिलकर विभाजन के बजाय जोडऩे, विनाश के बजाय सृजन करने और लेने के बजाय साझा करने पर फोकस करें।
पीएम मोदी ने एआई को लेकर मानव का अर्थ बताया
प्रधानमंत्री ने एआई को लेकर मानवीय विजन पेश करते हुए मानव का अर्थ बताया कि एम का अर्थ है नैतिक और नीतिपरक प्रणालियां (मॉरल एंड एथिकल सिस्टम), ए का मतलब जवाबदेह शासन (अकॉउंटेबल गवर्नेंस), एन का मतलब राष्ट्रीय संप्रभुता (नेशनल सॉव़्रिन्टी), ए का अर्थ सुलभ और समावेशी (एक्सेसिबल एंड इन्क्लूसिव), और वी का मतलब वैध और विश्वसनीय (वैलिड एंड लेगिटीमेट)। भारत का यह मानव विजन 21वीं सदी की एआई आधारित दुनिया में मानवता के कल्याण की महत्वपूर्ण कड़ी बनेगा।
प्रधानमंत्री ने कहा भारत दुनिया के सबसे बड़े टेक पूल का केंद्र है। यह वैश्विक दक्षिण के लिए गर्व की बात है कि एआई सम्मेलन भारत में हो रहा है। भारत नई तकनीक बनाता है और साथ ही तेजी से नई तकनीक को अपनाता भी है। प्रधानमंत्री ने कहा, एआई मशीनों को बुद्धिमान बना रहा है, लेकिन इससे भी ज्यादा मानव सामर्थ्य को कई गुना बढ़ा रहा है। इस बार सबसे बड़ा अंतर ये है कि इस बार गति अभूतपूर्व है और इसका स्तर भी बहुत विस्तृत है। पहले तकनीक का असर दशकों में जाकर दिखता है। आज मशीन लर्निंग से लर्निंग मशीन की यात्रा पहले के मुकाबले बहुत तेज है। प्रधानमंत्री ने एआई को जिम्मेदारी के साथ इस्तेमाल करने की अपील करते हुए कहा, जिस तेजी से युवा वर्ग एआई को अपना रहा है, वह बेहद सराहनीय है। युवाओं में एआई सम्मेलन को लेकर गजब का उत्साह है। हमें अपना विजन बड़ा करने की जरूरत है और साथ ही ये एक बड़ी जिम्मेदारी भी है। मौजूदा पीढ़ी के साथ हमें इस बात की भी चिंता है कि एआई को किस रूप में हम आने वाली पीढ़ी को सौंपेंगे। असल सवाल ये नहीं है कि हम एआई से भविष्य में क्या कर सकते हैं बल्कि ये है कि हम वर्तमान में एआई से क्या करें? ऐसे सवाल मानवता के सामने पहले भी आए हैं। इसका सबसे बड़ा उदाहरण परमाणु ऊर्जा है। हमने इसकी तबाही को देखा और साथ ही इसके सकारात्मक योगदान को भी देखा।
7 वर्षों में 10 लाख करोड़ रुपये का निवेश, मुकेश अंबानी का बड़ा एलान
एआई इंपैक्ट समिट में भारत के अरबपति उद्योगपति मुकेश अंबानी ने भी बड़े एलान किए। उन्होंने कहा कि एआई का सबसे अच्छा दौर आना अभी बाकी है। उन्होंने कहा, एआई कई क्षेत्रों में नए दौर की शुरुआत कर सकता है। उन्होंने कहा, दुनिया इस बात पर बहस कर रही है कि क्या एआई के कारण ताकत कुछ लोगों के हाथों में सिमट जाएगी। या एआई सभी के लिए मौके और सबके लिए आसान अवसर का माध्यम बनेगा। उन्होंने मौजूदा दौर में कृत्रिम बुद्धिमता के असर को रेखांकित करते हुए कहा, आज एआई को लेकर दुनिया दोराहे पर खड़ी है। एक रास्ता कम, महंगे एआई और कंट्रोल्ड डाटा की तरफ ले जाता है, दूसरा सस्ता, आसानी से मिलने वाली एआई की सुविधा सुनिश्चित करता है। मुकेश अंबानी ने अपने घराने की प्रतिबद्धता साझा करते हुए कहा, जिस तरह कंपनी ने मोबाइल डाटा का कॉस्ट कम किया है, उनका ग्रुप एआई की कॉस्ट भी कम करेगा। उन्होंने कहा कि जियो और रिलायंस इंडिया लिमिटेड इस साल से शुरूआत कर अगले 7 वर्षों में 10 लाख करोड़ रुपये का निवेश करेगी।



