
देशभर में मानसून का कहर, बाढ़-भूस्खलन से जनजीवन प्रभावित, कई राज्यों में हालात गंभीर
नई दिल्ली। देशभर में मानसून सक्रिय होने के साथ ही कई राज्यों में भारी बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। कहीं जलभराव, कहीं बाढ़ तो कहीं भूस्खलन की घटनाओं ने हालात गंभीर बना दिए हैं। कई स्थानों पर नेशनल हाईवे और रेल सेवाएं भी प्रभावित हुई हैं। हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, ओडिशा, महाराष्ट्र और अन्य राज्यों में लगातार बारिश से हालात बिगड़ते जा रहे हैं। पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और मैदानी क्षेत्रों में जलभराव ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में भी कई क्षेत्रों में भारी बारिश की संभावना बनी हुई है, जिससे हालात और बिगड़ सकते हैं।
हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले में स्वां नदी में अचानक आई बाढ़ के दौरान एक पिकअप वाहन फंस गया, हालांकि स्थानीय लोगों की मदद से तीनों सवारों को सुरक्षित बचा लिया गया। कुल्लू के पागल नाला में बाढ़ के कारण सडक़ यातायात पूरी तरह बाधित हो गया है और कई घंटों से वाहन फंसे हुए हैं। जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में 540 मेगावॉट क्वार पावर प्रोजेक्ट के पास भारी भूस्खलन हुआ, जिसमें कई वाहन मलबे में दब गए। राहत एवं बचाव कार्य जारी है। वहीं चंबा जिले के पंगोला नाले में बाढ़ आने से मुख्य सडक़ अवरुद्ध हो गई है।
ओडिशा के बौध जिले में सलुंकी नदी में अचानक जलस्तर बढऩे से दो महिलाएं बीच नदी में फंस गईं, जिन्हें चार घंटे के रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद सुरक्षित निकाला गया। महाराष्ट्र में भारी बारिश से मुंबई और आसपास के क्षेत्रों में रेल और सडक़ यातायात प्रभावित हुआ है। वसई-विरार के बीच रेलवे ट्रैक पर जलभराव के कारण ट्रेन सेवाएं सीमित कर दी गई हैं। वहीं कर्जत-खोपोली रूट पर भी सेवाएं अस्थायी रूप से रोक दी गई हैं। पुणे के पाटन गांव में भूस्खलन के कारण एक परिवार के दबे होने की आशंका जताई जा रही है, जबकि मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर भूस्खलन से यातायात बाधित हो गया है। गढ़चिरौली में भारी बारिश से सात गांवों का संपर्क टूट गया है, जबकि कई अन्य इलाकों में भी सडक़ें जलमग्न हो गई हैं।
छत्तीसगढ़ में बारिश ने बढ़ाई मुश्किलें, कई जिलों में अलर्ट जारी
रायपुर। छत्तीसगढ़ में पिछले 2–3 दिनों से मानसून सक्रिय है और बंगाल की खाड़ी में बने अवदाब के असर से प्रदेशभर में लगातार बारिश हो रही है। राजधानी रायपुर समेत कई इलाकों में झमाझम बारिश के कारण जनजीवन प्रभावित हो गया है और कई स्थानों पर जलभराव की स्थिति बन गई है।
मौसम विभाग के अनुसार उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी तथा उत्तरी ओडिशा और पश्चिम बंगाल के तटीय क्षेत्रों में बने अवदाब के प्रभाव से अगले 48 घंटों तक मध्य छत्तीसगढ़ में अधिकांश स्थानों पर बारिश की संभावना है। इस दौरान कुछ जगहों पर भारी से बहुत भारी वर्षा भी हो सकती है। 8 जुलाई के बाद बारिश की तीव्रता में कमी आने की संभावना जताई गई है। विभाग के मुताबिक प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई है, जबकि कुछ स्थानों पर भारी बारिश भी हुई है। राजिम में 19 सेमी, दुर्ग में 18 सेमी, छुरा में 16 सेमी, रायपुर शहर, राजनांदगांव और पाटन में 15-15 सेमी वर्षा दर्ज की गई है। वहीं कई अन्य क्षेत्रों में भी अच्छी बारिश रिकॉर्ड की गई है।
राजधानी रायपुर में आज आकाश सामान्यत: मेघमय रहने, गरज-चमक के साथ भारी बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना है। अधिकतम तापमान लगभग 27 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। मौसम विभाग ने प्रदेश के 25 से अधिक जिलों के लिए अलर्ट जारी किया है। धमतरी, बालोद, राजनांदगांव, गरियाबंद, महासमुंद, रायपुर, बिलासपुर, कोरबा, दुर्ग सहित कई जिलों में भारी बारिश, मेघगर्जन और आकाशीय बिजली के साथ तेज हवाओं की चेतावनी दी गई है। कुछ जिलों में रेड, ऑरेंज और यलो अलर्ट जारी करते हुए लोगों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है।



