छत्तीसगढ़

गंगरेल बांध के तीन गेट से 4670 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा, महानदी में बाढ़ जैसी स्थिति

महानदी किनारे बसे गांवों में अलर्ट जारी, वर्ष 2025 में 3 अक्टूबर को खुले थे गेट

धमतरी (प्रखर)। चार दिनों से हो रही बारिश से गंगरेल बांध का जलस्तर लगातार बढ़ता ही जा रहा है। जिसके चलते गुरूवार को सुबह सायरन बजाकर गंगरेल बांध के तीन गेट से 4670 पानी छोड़ा गया। महानदी में 3360 क्यूसेक पानी रूद्री बरॉज से निकलने के कारण बाढ़ जैसी स्थिति निर्मित हो गयी। गंगरेल बांध अब 97.40 प्रतिशत भर गया है। कैचमेंट एरिया में हो रही बारिश और आवक से गंगरेल बांध का जलस्तर अब तेजी से बढ़ रहा है। 2 सितंबर को इस बांध में 96.17 प्रतिशत पानी था जबकि 3 सितंबर को जलस्तर के बढऩे के कारण 97.40 प्रतिशत पानी भर गया है। गंगरेल बांध में प्रति सेकेंड 3365 क्यूसेक पानी की आवक हो रही है जबकि तीन गेट से 4670 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है।
जिले में लगातार हो रही वर्षा और जलाशयों में पानी की आवक को देखते हुए जिला प्रशासन द्वारा जलस्तर एवं नदी-नालों की स्थिति पर सतत निगरानी रखी जा रही है। जल प्रबंध संभाग रूद्री के कार्यपालन अभियंता एचएल कुरेशिया ने बताया कि गुरूवार 3 सितंबर की सुबह 8 बजे जिले के प्रमुख जलाशयों में जलभराव की स्थिति काफी अधिक है। गंगरेल जलाशय 97.40 प्रतिशत, मुरूमसिल्ली जलाशय 98.61 प्रतिशत, दुधावा जलाशय 86.86 प्रतिशत तथा सोंढूर जलाशय 69.25 प्रतिशत भर चुका है। जलाशयों में पानी की आवक को देखते हुए गंगरेल जलाशय से तीन गेटों के माध्यम से कुल 4670 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। इसमें से 1410 क्यूसेक पानी रुद्री बैराज के माध्यम से महानदी मुख्य नहर में तथा 3360 क्यूसेक पानी महानदी नदी में प्रवाहित किया जा रहा है। जलाशयों में पानी की आवक तथा आगामी वर्षा की संभावना को देखते हुए नदी के जलस्तर में और वृद्धि होने की संभावना है।
महानदी किनारे बसे गांवों में विशेष सतर्कता
महानदी में पानी छोड़े जाने के कारण नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी तथा बाढ़ जैसी स्थिति निर्मित होने की संभावना को देखते हुए जिला प्रशासन ने महानदी के किनारे बसे सभी गांवों में अलर्ट जारी किया है। प्रशासन द्वारा ग्रामीणों से नदी, नालों एवं जलभराव वाले क्षेत्रों के समीप नहीं जाने और अनावश्यक रूप से नदी पार करने का प्रयास नहीं करने की अपील की है। निचले एवं संवेदनशील क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने तथा आवश्यकता पडऩे पर प्रशासन द्वारा चिन्हांकित सुरक्षित एवं ऊंचे स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में संबंधित अधिकारियों, मैदानी अमले एवं स्थानीय प्रशासन को स्थिति पर लगातार नजर रखने और आवश्यकतानुसार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं।
कलेक्टर ने दिए सतत निगरानी और त्वरित कार्रवाई के निर्देश
कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने जिलेवासियों से अपील करते हुए कहा कि जलाशयों में पानी की अच्छी आवक को देखते हुए प्रशासन पूरी स्थिति पर लगातार नजर रख रहा है। उन्होंने कहा कि महानदी के किनारे बसे गांवों के लोग विशेष सावधानी बरतें और नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए नदी एवं जलभराव वाले क्षेत्रों से पर्याप्त दूरी बनाए रखें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि नदी एवं जलाशयों के जलस्तर की नियमित निगरानी की जाए तथा संवेदनशील क्षेत्रों में आवश्यकतानुसार तत्काल सूचना पहुंचाई जाए। किसी भी आपात स्थिति में संबंधित विभाग आपसी समन्वय से त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करें। कलेक्टर ने ग्रामीणों से अपील की कि प्रशासन द्वारा जारी चेतावनियों एवं निर्देशों का पालन करें और अफवाहों पर ध्यान न देकर केवल अधिकृत सूचनाओं पर भरोसा करें।
बाक्स
जलाशयों की स्थिति
जलाशय जलभराव आवक जावक
गंगरेल 97.40 प्रतिशत 3365 क्यूसेक 4670
मुरूमसिल्ली 98.61 प्रतिशत 362 क्यूसेक 246
दुधावा 86.86 प्रतिशत 437 क्यूसेक 90
सोंढूर 69.25 प्रतिशत 167 क्यूसेक 167

Author Desk

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