छत्तीसगढ़

बालोद में कांग्रेस की मासिक बैठक संपन्न, बिजली जनांदोलन और ‘वोट बचाओ–देश बचाओ’ अभियान की बनी रणनीति

बिजली दरों में वृद्धि, स्मार्ट मीटर और धान खरीदी नीति को लेकर सरकार पर निशाना; निर्वाचन आयोग की निष्पक्षता पर कांग्रेस नेताओं ने उठाए सवाल

बालोद में कांग्रेस की मासिक बैठक संपन्न, बिजली जनांदोलन और ‘वोट बचाओ–देश बचाओ’ अभियान की बनी रणनीति

 

बिजली दरों में वृद्धि, स्मार्ट मीटर और धान खरीदी नीति को लेकर सरकार पर निशाना; निर्वाचन आयोग की निष्पक्षता पर कांग्रेस नेताओं ने उठाए सवाल

 

बालोद। जिला कांग्रेस कमेटी बालोद की मासिक बैठक राजीव भवन में जिला प्रभारी एवं पूर्व विधायक लेखराम साहू की उपस्थिति में आयोजित हुई। बैठक में बिजली जनांदोलन और अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के निर्देशानुसार चलाए जा रहे ‘वोट बचाओ–देश बचाओ’ अभियान को लेकर विस्तृत रणनीति तैयार की गई। बैठक में जिलेभर के कांग्रेस पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और विभिन्न विभागों एवं प्रकोष्ठों के पदाधिकारी शामिल हुए।

 

जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष चंद्रेश हिरवानी ने स्वागत उद्बोधन में बिजली दरों में वृद्धि वापस लेने, 400 यूनिट तक बिजली बिल हाफ योजना दोबारा लागू करने और स्मार्ट मीटर हटाने की मांग उठाई। उन्होंने बताया कि प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर घर-घर जाकर आवेदन भरवाने का अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने सभी ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्षों से अभियान शीघ्र पूरा कर जिला बिजली कार्यालय के घेराव की तैयारी करने का आह्वान किया।

धान खरीदी नीति पर सरकार को घेरते हुए हिरवानी ने कहा कि 15 नवंबर से शुरू होने वाली धान खरीदी व्यवस्था में किसानों को कई व्यावहारिक समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने टोकन में निर्धारित मात्रा, फिंगरप्रिंट से सत्यापन और शेष धान की मात्रा अगले टोकन में नहीं जुड़ने जैसी व्यवस्थाओं पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि सरकार की नीतियां किसान हितों के विपरीत हैं।

 

मतदाता सूची और निर्वाचन प्रक्रिया पर उठाए सवाल

 

‘वोट बचाओ–देश बचाओ’ अभियान के तहत मतदाता सूची की पारदर्शिता और नागरिकों के मताधिकार की सुरक्षा का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। चंद्रेश हिरवानी ने विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम का उल्लेख करते हुए कांग्रेस कार्यकर्ताओं से मतदाता सूची पर नजर रखने और नागरिकों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने की अपील की।

गुंडरदेही विधायक कुंवर सिंह निषाद ने कहा कि लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत जनता का वोट है। इसी के माध्यम से जनता सरकार चुनती है और जनप्रतिनिधियों को जवाबदेह बनाती है। यदि मतदाता सूची की विश्वसनीयता पर सवाल उठते हैं या किसी नागरिक को मताधिकार से वंचित किए जाने की आशंका होती है, तो यह लोकतंत्र के लिए गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस जनता के इस बुनियादी अधिकार के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं करेगी।

 

पूर्व मंत्री एवं डौंडीलोहारा विधायक अनिला भेड़िया ने निर्वाचन आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए कहा कि आयोग की साख देश और दुनिया में रही है, लेकिन वर्तमान परिस्थितियों में उसकी कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने राहुल गांधी द्वारा मतदाता सूची और विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर उठाए गए मुद्दों का उल्लेख किया। साथ ही महतारी वंदन योजना में नए हितग्राहियों को शामिल नहीं किए जाने और लाभार्थियों की संख्या में कमी को लेकर राज्य सरकार से जवाब मांगा।

 

संजारी-बालोद विधायक एवं प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष संगीता सिन्हा ने कहा कि निर्वाचन प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता लोकतंत्र की बुनियाद है। उन्होंने निर्वाचन आयोग के सदस्यों के बीच कथित असहमति से जुड़ी खबरों का हवाला देते हुए कहा कि ऐसे मामलों का निष्पक्ष तरीके से समाधान होना चाहिए। उन्होंने बालोद में पुलिसकर्मी की बेटी पर हुए एसिड अटैक की घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर भी सवाल उठाए।

 

लेखराम साहू ने राज्योत्सव को लेकर सरकार को घेरा

 

जिला कांग्रेस कमेटी बालोद के प्रभारी, पूर्व विधायक एवं राष्ट्रीय समन्वयक पिछड़ा वर्ग कांग्रेस लेखराम साहू ने निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने और संशोधन की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी होनी चाहिए। उन्होंने निर्वाचन आयोग से जुड़े विवादों और सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणियों के संदर्भ में मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग की।

 

राज्योत्सव के आयोजन को लेकर उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में छत्तीसगढ़ी संस्कृति, लोक कलाकारों, पंडवानी, करमा-ददरिया और स्थानीय प्रतिभाओं को प्रमुखता दी जाती थी। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में स्थानीय कलाकारों की अपेक्षा बाहरी कलाकारों को अधिक महत्व दिया जा रहा है। उनके अनुसार, राज्योत्सव छत्तीसगढ़ की संस्कृति और छत्तीसगढ़िया स्वाभिमान को प्रदर्शित करने का अवसर होना चाहिए।

 

राजेश ठाकुर ने राष्ट्रीय रैली में शामिल होने का किया आह्वान

 

एआईसीसी ऑब्जर्वर एवं झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष राजेश ठाकुर ने कहा कि ‘वोट बचाओ–देश बचाओ’ अभियान लोकतंत्र, संविधान और नागरिकों के मताधिकार की रक्षा का व्यापक आंदोलन है। उन्होंने आरोप लगाया कि निर्वाचन प्रक्रिया में पारदर्शिता को लेकर उठ रहे सवालों का जवाब तथ्यों और निष्पक्ष जांच के माध्यम से दिया जाना चाहिए।

 

ठाकुर ने कहा कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने अथवा संशोधित करने की प्रक्रिया में नागरिकों को उचित सूचना, सुनवाई का अवसर और शिकायत निवारण की प्रभावी व्यवस्था मिलनी चाहिए। गरीबों, मजदूरों, किसानों, महिलाओं, युवाओं, अनुसूचित जाति-जनजाति तथा वंचित वर्गों के मताधिकार की सुरक्षा सुनिश्चित करना आवश्यक है।

 

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से निर्वाचन आयोग से जुड़े विवादों पर हस्तक्षेप करने की मांग करते हुए कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं की विश्वसनीयता बनाए रखना जरूरी है। उन्होंने जिले के सभी कांग्रेसजनों से 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित राष्ट्रीय रैली में शामिल होने का आह्वान किया।

 

बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी रहे उपस्थित

 

बैठक का संचालन जिला कांग्रेस कमेटी के महामंत्री भोजराज साहू ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन जिला कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष कृष्णा दुबे ने किया।

 

इस अवसर पर ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष रत्तीराम कोसमा, अंचल प्रकाश साहू, नरेंद्र सिन्हा, राजकुमार प्रभाकर, कचरू साहू, जीवन बंदे, संजीव चौधरी सहित जिला एवं ब्लॉक कांग्रेस कमेटियों के पदाधिकारी तथा विभिन्न विभागों और प्रकोष्ठों के अध्यक्ष एवं पदाधिकारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

Author Desk

Related Articles

Back to top button