छत्तीसगढ़

शक्ति दिवस पर हल्बा समाज का गरिमामय आयोजन, एकता और संगठन का दिया गया संदेश


गोंडवाना भवन में सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ, शहीदों को दी गई श्रद्धांजलि


धमतरी।(प्रखर)आदिवासी हल्बा समाज द्वारा 26 दिसंबर को शक्ति दिवस का आयोजन गोंडवाना भवन, भिलाई माता में गरिमामय एवं उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ माँ दंतेश्वरी की आरती एवं शहीद गैंदसिंह की पूजा-अर्चना के साथ किया गया। इस अवसर पर समाज के वरिष्ठजन, युवा, महिलाएं एवं बच्चे बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में यु. आर. गंगराले (अध्यक्ष, वीर मेला समिति) मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम की अध्यक्षता एवं विशिष्ट उपस्थिति में जीवराखन मरई (जिलाध्यक्ष, सर्व आदिवासी समाज), देवनाथ नेताम (प्रदेश अध्यक्ष, नगारची समाज), जयपाल ठाकुर (तहसील अध्यक्ष, गोंड़ समाज धमतरी), ठाकुर राम नेताम (तहसील अध्यक्ष, गोंड़ समाज भखारा) तथा हल्बा समाज अध्यक्ष गोविंद ठाकुर मंच पर मौजूद रहे।
मुख्य अतिथि यु. आर. गंगराले ने अपने संबोधन में कहा कि आदिवासी समाज की असली शक्ति उसकी एकता, संगठन और सांस्कृतिक पहचान में निहित है। उन्होंने कहा कि शक्ति दिवस जैसे आयोजन समाज में जागरूकता, स्वाभिमान और आपसी भाईचारे को मजबूत करते हैं।
जीवराखन मरई ने कहा कि वर्तमान समय में हल्बा समाज की विभिन्न महासभाओं का एकीकरण अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि संगठित समाज ही अपने अधिकारों की रक्षा कर सकता है। उन्होंने शहीद गैंदसिंह के संघर्ष को स्मरण करते हुए जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए किए गए ऐतिहासिक आंदोलन का उल्लेख किया।
देवनाथ नेताम ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि आदिवासी समाज का इतिहास गौरवशाली रहा है और आने वाली पीढ़ी को अपने महापुरुषों के विचारों से जोड़ना समय की आवश्यकता है। जयपाल ठाकुर ने कहा कि ऐसे आयोजन युवाओं को जागरूक और संगठित करने का कार्य करते हैं।
कार्यक्रम के दौरान बच्चों द्वारा मनमोहक आदिवासी सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दी गईं, जिन्हें उपस्थित जनसमूह ने खूब सराहा। महिलाओं और बच्चों के लिए खेलकूद प्रतियोगिताएं भी आयोजित की गईं, जिनमें कुर्सी दौड़, जलेबी दौड़ सहित विभिन्न खेल शामिल रहे। विजेताओं को पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम के समापन पर शहीद गैंदसिंह, शहीद वीर नारायण सिंह एवं शहीद गुंडाधुर सहित अन्य आदिवासी महानायकों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। समाजजनों ने उनके बलिदान को स्मरण करते हुए एकता, संगठन और सामाजिक उत्थान का संकल्प लिया।
इस अवसर पर समाज के वरिष्ठ पदाधिकारी महेश रावटे, एच. आर. परिहा, आर. एल. देव, एस. आर. ठाकुर, महेन्द्र सिंह, पंकज परिहा, रामनारायण चुरेन्द्र, शंकर रावटे, अरुण नाग, मालती रावटे, राधा उर्वशा, जय श्री रावटे, माधुरी रावटे, मन्नम राणा, रामेश्वर मरकाम सहित बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे।

Author Desk

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