देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर में दूषित पानी से 12 की मौत और कई बीमार, मामले में मीडिया का सवाल मंत्री कैलाश विजयवर्गीय को लगा फोकट का प्रश्न

इंदौर। देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर से एक चिंताजनक खबर सामने आई है। इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में जहरीले पानी से हुई मौतों का सिलसिला बढ़ता ही जा रहा है। बुधवार को पांच माह के अव्यान साहू की मौत हो गई। इसके अलावा एक बुर्जुग की मौत भी हुई है। कल भी नए मरीज सामने आए। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार अब तक 1100 मरीजों का इलाज किया जा चुका है। भागीरथपुरा में बुधवार को कुछ अन्य मौतें भी हुई, लेकिन स्वास्थ्य विभाग मौत की वजह डायरिया नहीं मान रहा है। अब तक जहरीले पानी से 12 लोगों की मौत हो चुकी है।
एक ओर 12 की मौत दूसरी ओर मंत्री के बिगड़े बोल
देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर में एक ओर जहां दूषित पानी से 12 लोगों की मौत हो गई वही कई बीमार हैं इस बीच मध्य प्रदेश सरकार के मंत्री कैलाश विजय वर्गीय के लिए यह फोकट की बात है। इंदौर में हो रही लोगों की मौत और दूषित पानी के प्रकोप पर जब स्थानीय नेता और केबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय से मीडिया ने स्थिति जानने सवाल पूछा तो उन्होंने इसे फोकट का प्रश्न बता दिया इसके साथ ही अमर्यादित शब्दों का प्रयोग उन्होंने किया। बुधवार की रात मीडिया ने कैलाश विजयवर्गीय से चर्चा की। इस दौरान मंत्री से निजी अस्पतालों में भर्ती मरीजों के बिल भुगतान को लेकर सवाल किया। जिस पर कैलाश विजयवर्गीय बिफर गए और ऑन कैमरा कहा ‘छोड़ो यार तुम फोकट प्रश्न मत पूछो-क्या घंटा हो गया है।’ इसके बाद जब यह वीडियो वायरल हुआ तो मंत्री ने सोशल मीडिया पर आकर खेद जताया।
कांग्रेस ने माँगा इस्तीफा
पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने वीडियो पोस्ट कर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय से इस्तीफा मांगा है। उन्होंने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर लिखा- इंदौर में ज़हरीला पानी पीने से मौतों की संख्या 8 से बढक़र 10 हो गई है, लेकिन भाजपा नेताओं की बदतमीज़ी, बेशर्मी और अहंकार जस का तस बना हुआ है। और इस जहरीले पानी की जि़म्मेदारी पर सवाल किया जाए तो मंत्री जी पत्रकार पर अपशब्दों का इस्तेमाल कर रहे हैं। सीएम डॉ मोहन यादव जी यह क्या तमाशा कर रही है आपकी सरकार और आपके मंत्री। न पीडि़तों को मुफ़्त इलाज मिल रहा है, न संवेदना, ऊपर से आपके अहंकारी मंत्री अपशब्दों का इस्तेमाल कर रहे हैं। थोड़ी सी भी शर्म बची है तो ऐसे बदतमीज़ मंत्रियों से नैतिकता के आधार पर तत्काल इस्तीफा लीजिए।
मंत्री विजयवर्गीय ने जताया खेद
हालांकि वीडियो वायरल होने और मामला तूल पकड़ता देख मंत्री ने खेद जताया है। कैलाश विजयवर्गीय ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर सफाई देते हुए लिखा- मैं और मेरी टीम पिछले दो दिनों से बिना सोए प्रभावित क्षेत्र में लगातार स्थिति सुधारने में जुटी हुई है। दूषित पानी से मेरे लोग पीडि़त हैं और कुछ हमें छोडक़र चले गए, इस गहरे दु:ख की अवस्था में मीडिया के एक प्रश्न पर मेरे शब्द गलत निकल गए। इसके लिए मैं खेद प्रकट करता हूं। लेकिन जब तक मेरे लोग पूरी तरह सुरक्षित और स्वस्थ नहीं हो जाते, मैं शांत नहीं बैठूंगा।



