परीक्षा में कुत्ते के नाम का विकल्प देख भडक़ीं भावनाएं, जिला शिक्षा अधिकारी को संचालनालय ने बताया पूर्णत: दोषी

महासमुंद। महासमुंद के शासकीय स्कूलों में आयोजित कक्षा चौथी की अर्धवार्षिक परीक्षा में धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला प्रश्न पूछा गया। इस मामले में लोक शिक्षण संचालनालय ने डीईओ विजय कुमार लहरे को कारण बताओ नोटिस जारी किया। विवादास्पद प्रश्न पर लोक शिक्षण संचालनालय ने जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) को पूर्णत: दोषी पाया है। संचालनालय के सवाल पर डीईओ ने स्वीकार किया कि प्रश्नपत्र उनके द्वारा दिये गये प्रश्न पत्र की प्रति के अनुरूप मुद्रित नहीं था, इसके बाद भी उन्होंने परीक्षा से पूर्व सुधार के लिए कोई कार्रवाई नहीं की। प्रश्न को लेकर हिंदू संगठन में भारी नाराजगी देखने को मिली। इस सम्बन्ध में विहिप ने डीईओ का पुतला दहन कर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर दोषी अधिकारी-कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग की थी।
संचालनालय के सवालों का जवाब देने से पहले ही मामले में जिला शिक्षा अधिकारी विजय कुमार लहरे ने मीडिया से चर्चा में उक्त प्रकरण पर खेद जताते हुए आश्वस्त किया कि भविष्य में इस प्रकार की त्रुटि की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए आवश्यक सावधानियां बरती जाएगी। इसके साथ प्रक्रिया को और अधिक सुदृढ़ किया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि परीक्षा के वस्तुनिष्ठ प्रश्नपत्र में एक सवाल पूछा गया था कि “मोना के कुत्ते का क्या नाम है?”। इस सवाल के चार विकल्पों में राम का नाम भी शामिल किया गया था। कुत्ते के नाम से जुड़े प्रश्न में नाम आने से विश्व हिंदू परिषद ने नाराजगी जताई थी और इसे धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला बताते हुए डीईओ का पुतला जलाया था। विहिप ने इस मामले की शिकायत कलेक्टर से भी की थी और सात दिन के भीतर कार्रवाई नहीं होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी थी।
लोक शिक्षण संचालनालय की ओर से डीईओ को जारी नोटिस में कहा गया कि प्रकाशित समाचार के अनुसार महासमुंद जिले में कक्षा चौथी के अंग्रेजी विषय की अर्धवार्षिक परीक्षा में प्रश्न पूछा गया- मोना के कुत्ते का नाम क्या है? विकल्प में शेरू के साथ राम का नाम भी शामिल था। जिला अंतर्गत संचालित प्राथमिक शालाओं के अर्धवार्षिक परीक्षा के प्रश्न पत्रों का निर्धारण, मुद्रण एवं वितरण की समस्त जवाबदारी संबंधित जिला शिक्षा अधिकारी की है, फिर भी आपके जिले अंतर्गत प्रश्न पत्रों को तैयार करने में गंभीर लापरवाही की गई है, जिसके कारण कक्षा चौथी के अंग्रेजी विषय के प्रश्न पत्र में पूछे गये प्रश्न में कुत्ते के नाम के विकल्प के रूप में हिंदू धर्म के आराध्य देव भगवान राम का नाम सम्मिलित किया गया है, जो बहुत ही आपत्तिजनक, निंदनीय एवं धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला है। इससे शासन एवं विभाग की छवि धूमिल हुई है।
नोटिस में आगे कहा गया है कि आपका यह कृत्य पदीय दायित्वों के निर्वहन में घोर लापरवाही एवं उदासीनता को प्रदर्शित करता है, जो छग सिविल सेवा आचरण नियम, 1965 के नियम-3 के विपरीत गंभीर कदाचार है। अत: उक्त संबंध में क्यों न आपके विरूद्ध छग सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के प्रावधानों के तहत कार्यवाही की जाए? इस संबंध में आप अपना लिखित जवाब तत्काल आज ही प्रस्तुत करें। यदि आपका जवाब निर्धारित समयावधि में प्राप्त नहीं होता है तो आपके विरूद्ध नियमानुसार एकपक्षीय कार्रवाई की जाएगी।



