मूल्यों पर आधारित महान भारत का पुनर्निर्माण करके अपने देश का बदला लेना होगा : अजीत डोभाल
वीबीवाईएलडी डोभाल ने कहा हमारे मंदिर लूटे गए और हम मूक दर्शक बने रहे

विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग में शामिल हुए एनएसए डोभाल
नई दिल्ली। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग के उद्घाटन समारोह में शामिल हुए। इस दौरान अजीत डोभाल ने युवाओं से संवाद किया। एनएसए ने कहा कि यह भारत वैसा स्वतंत्र नहीं था जैसा आप आज देखते हैं। हमारे पूर्वजों ने बलिदान दिए, अपमान सहे और कई लोगों को फांसी दी गई। भगत सिंह को फांसी दी गई, सुभाष चंद्र बोस ने जीवन भर संघर्ष किया और महात्मा गांधी ने सत्याग्रह का मार्ग प्रशस्त किया। अनगिनत लोगों ने अपनी जान गंवाई। हमारे मंदिर नष्ट किए गए, गांवों को लूटा गया और हमारी सभ्यता को कुचल दिया गया, जबकि हम असहाय, मूक दर्शक बने रहे। इतिहास हमें चुनौती देता है। आज के युवाओं में वह जोश है। हालांकि बदला लेना अच्छा शब्द नहीं है, लेकिन यह शक्तिशाली है। हमें अपने मूल्यों पर आधारित एक महान भारत का पुनर्निर्माण करके अपने देश का बदला लेना होगा।
डोभाल ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस देश को ऐसे मुकाम पर ले गए हैं कि अगर यह ऑटोपायलट पर भी चलता रहे, तो भी यह विकसित भारत बन जाएगा। एनएसए डोभाल ने युवाओं से संवाद करते हुए कहा, मेरा कार्यक्षेत्र अलग है, मेरा अनुभव अलग है, और युवाओं के साथ उम्र का बहुत बड़ा अंतर है। आपमें से अधिकांश मुझसे 60 वर्ष से अधिक छोटे हैं, इसलिए मैं थोड़ा असमंजस में था कि आऊं या नहीं। मेरा जन्म स्वतंत्र भारत में नहीं, बल्कि स्वतंत्रता-पूर्व भारत में हुआ था। मेरी जवानी तो कब की बीत चुकी है।
अजीत डोभाल ने कहा, ‘आज इतना कुछ बदल गया है कि मुझे सब कुछ पता नहीं है। लेकिन एक बात समान है, चाहे आप इसे महसूस करें या न करें – एक छोटी सी बात जो आपके जीवन की दिशा तय करती है: निर्णय लेने की क्षमता। आप सभी हर दिन छोटे-बड़े फैसले लेते हैं, और जैसे-जैसे आपकी उम्र बढ़ेगी, आपको हर कदम पर फैसले लेने होंगे। भारत विकसित होगा, यह निश्चित है।’



