महाशिवरात्रि पर किले के बूढ़ेश्वर महादेव मंदिर में रचेगा बाबा भोलेनाथ का भव्य विवाह, शिव-भक्ति में डूबेगा पूरा धमतरी

धमतरी(प्रखर) महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर किले स्थित श्री बूढ़ेश्वर महादेव मंदिर एक बार फिर आस्था, भक्ति और परंपराओं के अद्भुत संगम का साक्षी बनने जा रहा है। प्रतिवर्ष की तरह इस वर्ष भी श्री बूढ़ेश्वर महादेव मंदिर ट्रस्ट एवं बोलबम कांवरिया संघ मित्र मंडल के संयुक्त तत्वावधान में भगवान भोलेनाथ के विवाह का भव्य और अलौकिक आयोजन किया जा रहा है। आयोजन को लेकर मंदिर परिसर सहित पूरे शहर में भक्तिमय उत्साह का माहौल है।इस दिव्य आयोजन में शिव बारात, विवाह की पारंपरिक रस्में, आकर्षक झांकियां और भक्ति से सराबोर कार्यक्रम श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण रहेंगे। बसंत पंचमी के शुभ अवसर पर तिलक उत्सव के साथ बाबा भोलेनाथ के विवाहोत्सव की विधिवत शुरुआत हो चुकी है।
हल्दी, मेहंदी और मंगलगीत से सजेगा विवाह उत्सव
11 फरवरी को भगवान भोलेनाथ को हल्दी अर्पित की जाएगी
श्रद्धालु स्वयं बाबा को हल्दी लगाकर एक-दूसरे को हल्दी लगाते हुए विवाह की खुशियां साझा करेंगे
12 फरवरी को मेहंदी कार्यक्रम आयोजित होगा
जिसमें बाबा भोलेनाथ का श्रृंगार मेहंदी से किया जाएगा। इसके पश्चात वही मेहंदी श्रद्धालुओं के हाथों में भी लगाई जाएगी। धार्मिक मान्यता है कि जो कुंवारे युवक-युवतियां श्रद्धा भाव से बाबा के नाम की मेहंदी लगाते हैं, उनके विवाह शीघ्र संपन्न होते हैं।
13 फरवरी को मंगलगीत का आयोजन किया जाएगा जिसमें महिलाएं पारंपरिक विवाह गीतों के माध्यम से बाबा भोलेनाथ को रिझाएंगी।
14 फरवरी को निकलेगी भव्य शिव बारात
14 फरवरी को भंडारा-प्रसादी के पश्चात दोपहर 3 बजे मां विंध्यवासिनी मंदिर से भगवान बूढ़ेश्वर महादेव की भव्य शिव बारात निकाली जाएगी। यह बारात सदर बाजार, घड़ी चौक, शिवजी चौक, शिव चौक होते हुए किले स्थित श्री बूढ़ेश्वर महादेव मंदिर पहुंचेगी। शिव बारात में आकर्षक झांकियां, पारंपरिक वेशभूषा और हजारों भक्तों की मौजूदगी देखते ही बनेगी।भजन संध्या और रुद्राभिषेक से होगा आयोजन का समापन 15 फरवरी को प्रातः भव्य आरती, भोग आरती, संध्या आरती एवं श्रृंगार आरती संपन्न होगी। सायंकाल भजन संध्या का आयोजन किया गया है, जिसमें ओके सिन्हा एवं प्रियंशी तिवारी एंड टीम द्वारा मधुर भक्तिमय भजनों की प्रस्तुति दी जाएगी।रात्रि 12 बजे से रुद्राभिषेक प्रारंभ होगा, जो प्रातः 4 बजे तक चलेगा।आयोजन समिति ने शहरवासियों एवं श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर भगवान भोलेनाथ के विवाहोत्सव में सहभागी बनने और इस दिव्य आयोजन को सफल बनाने की अपील की है।



