कोलियारी-खरेंगा-जोरातराई मार्ग निर्माण में भारी अनियमितता, सड़क संघर्ष समिति ने लगाए गंभीर आरोप

मानकों की अनदेखी, घटिया सामग्री का उपयोग और बिना निगरानी के हो रहा निर्माण कार्य
धमतरी(प्रखर) कोलियारी-खरेंगा-जोरातराई मार्ग पर चल रहे सड़क निर्माण कार्य में भारी अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। सड़क संघर्ष समिति के संयोजक हीरेन्द साहू ने ठेकेदार और संबंधित विभागीय अधिकारियों पर गंभीर लापरवाही और मनमानी का आरोप लगाया है।
संयोजक हीरेन्द साहू ने बताया कि सड़क निर्माण कार्य पूरी तरह से मानकों को दरकिनार कर किया जा रहा है। निर्माणाधीन सड़क के बेस को जेसीबी से खोदकर केवल पटरी भराई की जा रही है, जिससे सड़क की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि निर्माण स्थल पर किसी भी अधिकारी या कर्मचारी की निगरानी नहीं देखी जा रही है, जिससे ठेकेदार मनमाने तरीके से काम कर रहा है।
उन्होंने आगे बताया कि सीमेंट, रेत और गिट्टी की मात्रा का उपयोग भी निर्धारित मापदंडों के अनुसार नहीं किया जा रहा है। खरेंगा क्षेत्र में नाली का निर्माण घटिया होने के बावजूद उसे अब तक हटाया नहीं गया है। वहीं पाइप पुलिया में निर्माण के शुरुआती चरण में ही छेद हो जाना कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाता है।
सड़क की निर्धारित ऊंचाई लगभग तीन फीट रखी जानी थी, लेकिन अधिकांश स्थानों पर यह मानक कहीं नजर नहीं आ रहा है। सड़क का निर्माण भी समतल न होकर ऊंचा-नीचा (अपर-डिपर) किया जा रहा है। देवपुर के पास बनी सीमेंट कांक्रीट सड़क जगह-जगह से उखड़ने लगी है।
इसके अलावा सेलदीप और जोरातराई के बीच सड़क के दोनों किनारों को एक वर्ष से खोदकर छोड़ दिया गया है, जिससे आवागमन में परेशानी हो रही है। समिति ने यह भी आरोप लगाया कि पहले घटिया मुरूम मिट्टी डाली गई और अब नदी क्षेत्र में गहरे गड्ढे खोदकर अवैध तरीके से मुरूम निकाला जा रहा है। साथ ही नदी से अवैध रेत निकालकर उसे सड़क और पुल-पुलिया निर्माण में उपयोग किया जा रहा है।
सड़क संघर्ष समिति ने पूरे निर्माण कार्य को भ्रष्टाचार से ग्रसित बताते हुए इसकी उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। साथ ही जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की भी मांग की गई है।



