विराग मुनि के 136 वां दिन की तपस्या पर श्रद्धानवत हुए जनप्रतिनिधि व समाजसेवी, क्षेत्र के खुशहाली व सुख- समृद्धि की प्रार्थना

जीवन में कर्तव्य का पालन व शक्ति के सदुपयोग से ही व्यक्ति बनता है महान-: विराग मुनि
मंदिर में प्रभु श्री राम की स्थापना के बाद उनके सांस्कृतिक मूल्यों को हृदय में करें स्थापित यहीं से होगी राम राज्य की स्थापना-:विराग मुनि
मोदी के धर्म – आध्यात्म से युक्त व्यक्तित्व से पद को मिली नई पहचान- विराग मुनि
चिलचिलाती गर्मी और उमस भी मुनिश्री की साधना, आराधना और तपस्या के सामने है नतमस्तक
धमतरी(प्रखर)जैन मुनि गणिवार्य विरभद्र विराग मुनिश्री महाराज सहित अन्य साधुजनों का शहर में मंगल विहार इतवारी बाजार स्थित जैन मंदिर में हुआ है जहां प्रतिदिन शहर सहित अन्य जगहों से उनके दर्शन लाभ, आशीर्वाद प्राप्त करने तथा प्रवचन श्रवण करने हेतु प्रतिदिन सैकड़ों श्रद्धालुओं का भीड़ लग रहा है, तो दूसरी और उनके द्वारा अविरल 136 वां पूरी श्रद्धा, भक्ति एवं आस्था इसके बाद भी अनवरत उपवास का क्रम जारी रहेगा, जिसे जहां 43 डिग्री की चिलचिलाती धूप एवं तपती गर्मी व उमस भी उनके सामने नतमस्तक हो रही है ,ऐसे पवित्र एवं महत्वपूर्ण अवसर पर उनसे आशीर्वाद का पावन सानिध्य प्राप्त करने के लिए सर्व गुजराती समाज छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष एवं भारतीय जनता पार्टी प्रदेश सह कार्यालय मंत्री प्रीतेश गांधी एवं धर्म प्रेमी समाज सेवी एवं भाजपा छत्तीसगढ़ विशेष आमंत्रित सदस्य पंडित राजेश शर्मा, नगर निगम के पूर्व सभापति राजेंद्र शर्मा, पार्षदगण पिंटू यादव,कुलेश सोनी, मुनिश्री से आशीर्वाद प्राप्त करते हुए क्षेत्र एवं क्षेत्र वासियों के सुख एवं समृद्धि के लिए की प्रार्थना, विराग मुनि जी ने सभी को आशिर्वाद एवं मंगलमय जीवन की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आज के भौतिकवादी युग में व्यक्ति अपने अधिकार की बात करता है लेकिन कर्तव्य को समझकर पालन करने से दूर हो जाता है यदि प्रत्येक व्यक्ति अपने कर्तव्य का नैतिक रूप से पालन करते हुए समाज द्वारा प्रदत्त शक्ति का सदुपयोग करें तो सर्वत्र सुख ,शांति एवं खुशहाली का वास होगा और यही से उन्नति का द्वार खुलता है, मुनि श्री ने भारत के सनातन परंपरा को आगे बढ़ाने के लिए भगवान राम की जन्मस्थली अयोध्या मे प्रभु श्री राम के विराजमान होने के बाद कहा कि अब प्रत्येक व्यक्ति को अपने हृदय में भगवान राम को बैठना है इसके लिए मर्यादा पुरुषोत्तम के सांस्कृतिक मूल्यों एवं मूल्यवान चरित्र का अनुसरण करने का ही एकमात्र रास्ता है जिसकी अब बारी है। वहीं उन्होंने देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के द्वारा साधु, संत, मुनि, सहित सनातन परंपरा के धर्म एवं अध्यात्म पर दिए योगदान को समर्पण का एक युग बताते हुए कहा कि उनका व्यक्तित्व, पद के ऊपर भारी हो गया है, इसलिए देश के आम जनमानस में वे सर्व स्वीकार्य हो गए हैं।
आस्था और श्रद्धा के इस अद्भुत क्षण में शिशिर सेठिया, डॉ पपेश नाहर,धरम चौरड़िया,आशिष बंगानी सहित अनेक लोगों उपस्थित रहे।
शहर के धार्मिक एवं आध्यात्मिक धरातल पर तपस्वियों का चरण वंदन है सौभाग्यशालीक्षण -: पं.राजेश शर्मा
शहर की गौरवशाली परंपरा हमेशा सर्वधर्म समभाव की धार्मिक भावनाओं से ओत-प्रोत रही है , जिसमें मुनियों का 135 वां साधना ,आराधना तथा तप के साथ शहर शहर में उपस्थित हम सब का सौभाग्य तथा एक आस्था और श्रद्धा का अद्भुत ,अलौकिक तथा अव्दितीय क्षण निर्मित कर रहा है, उक्त बातें धर्मप्रेमी – समाजसेवी पंडित राजेश शर्मा द्वारा कही गई है।
संत समाज की धरोहर, चरित्र एवं राष्ट्र निर्माण में है इनका महत्वपूर्ण भूमिका – प्रीतेश गांधी
मुनि गणों के शहर आगमन पर सर्व गुजराती समाज की ओर से उनका अभिनंदन कर आशीर्वाद प्राप्त करते हुए प्रीतेश गांधी ने कहा है कि संत समाज की धरोहर होते हैं और उनके द्वारा ही चरित्रवान पीढ़ी धार्मिक भावनाओं से करते हुए समाज को समर्पित करते हैं इसे ही सशक्त ,समृद्ध तथा सुदृढ़ समाज का निर्माण होता है इसलिए राष्ट्र उत्थान में वर्तमान परिवेश में साधू , संत , ऋषि मुनियों की भूमिका समाज में महत्वपूर्ण है और जिसे आगे बढ़कर विशिष्ट रूप से रेखांकित देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किया गया जिसके लिए भारत का धार्मिक एवं आध्यात्मिक इतिहास हमेशा उनका ऋणी रहेगा।
धर्म की पावन भूमि तथा भाईचारे की नगरी फिर हुई धन्य-: राजेंद्र शर्मा
मुनि गणों के शहर में सानिध्य प्राप्त होने तथा तपस्या के विहंगम क्षण को निगम के पूरे सभापति राजेंद्र शर्मा ने धर्म की पावन उर्वरा भूमि तथा अध्यात्म से परिपूर्ण आपसी प्रेम, भाईचारा तथा अपनत्व की धरती के लिए धन्य होने वाला क्षण बताया है।
संतों का आशीर्वाद सार्वजनिक जीवन में जनप्रतिनिधियों को कम करने के लिए देती है ऊर्जा और प्रेरणा -:पिंटू यादव
संत समाज के दर्पण की तरह होते हैं इनकी दी हुई ज्ञानमयी वाणी और आशीर्वाद हम जनप्रतिनिधियों को सार्वजनिक जीवन में काम करने के लिए प्रेरित करने के साथ ही समझ में सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करती है।



