ईरान से समझौते की अटकलों के बीच भारतीय नाविकों के मुद्दे पर अमेरिका घिरा

ईरान से समझौते की अटकलों के बीच भारतीय नाविकों के मुद्दे पर अमेरिका घिरा
तेहरान। अमेरिका और ईरान के बीच संभावित समझौते को लेकर एक बार फिर बयानबाजी तेज हो गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि दोनों देशों के बीच बड़ा समझौता लगभग तैयार है और जल्द ही उस पर हस्ताक्षर हो सकते हैं। लेकिन ईरान ने इस दावे को सिरे से खारिज करते हुए कहा है कि किसी भी समझौते पर अभी अंतिम फैसला नहीं लिया गया है। इसी बीच ओमान के तट के पास एक वाणिज्यिक जहाज पर हुए हमले और उसमें भारतीय नाविकों के प्रभावित होने के मुद्दे पर भी ईरान ने अमेरिका की आलोचना की है। इससे पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव और कूटनीतिक गतिविधियों पर नई बहस शुरू हो गई है।
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा कि अमेरिका के साथ किसी अंतिम समझौते की खबरें केवल अटकल हैं। उनके अनुसार तेहरान ने अभी तक किसी भी समझौते पर अंतिम निर्णय नहीं लिया है। बघाई ने कहा कि बातचीत की स्थिति शुरू से स्पष्ट थी और समझौते के मसौदे का बड़ा हिस्सा तैयार भी हो चुका था, लेकिन अमेरिकी पक्ष लगातार अपने रुख में बदलाव करता रहा। उन्होंने कहा कि ईरान ने हमेशा अपनी तय लाल रेखाओं और राष्ट्रीय हितों से समझौता नहीं करने की नीति अपनाई है। साथ ही उन्होंने बताया कि कतर और पाकिस्तान मध्यस्थ के रूप में सक्रिय हैं, लेकिन अमेरिकी कदम कूटनीतिक प्रक्रिया को प्रभावित कर रहे हैं।
इस्माइल बघाई ने कहा कि अमेरिकी कार्रवाइयों के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य पहले की तुलना में कम सुरक्षित हो गया है। होर्मुज दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है, जहां से वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा गुजरता है। ईरान का मानना है कि क्षेत्र में बढ़ते सैन्य तनाव और टकराव से समुद्री सुरक्षा प्रभावित हुई है। बघाई ने चेतावनी दी कि यदि हालात नहीं सुधरे तो इसका असर केवल क्षेत्रीय देशों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरी दुनिया के ऊर्जा बाजार और व्यापारिक गतिविधियों पर भी पड़ सकता है।
ओमान तट के पास एक वाणिज्यिक जहाज पर हुए हमले को लेकर ईरान ने अमेरिका पर गंभीर आरोप लगाए हैं। इस्माइल बघाई ने कहा कि इस हमले में कम से कम तीन भारतीय नागरिक प्रभावित हुए हैं और यह घटना अमेरिका की कथित आक्रामक नीतियों का उदाहरण है। उन्होंने मृतक और लापता भारतीय नाविकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अमेरिका को जवाबदेह ठहराने की मांग की। ईरान का कहना है कि ऐसी घटनाएं वैश्विक शांति, समुद्री सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय कानूनों के लिए खतरा हैं।


