रायपुर, बिलासपुर और दुर्ग में अपराध के मामले सबसे ज्यादा, विधानसभा में सरकार ने पेश किए दो साल के आंकड़े

रायपुर, बिलासपुर और दुर्ग में अपराध के मामले सबसे ज्यादा, विधानसभा में सरकार ने पेश किए दो साल के आंकड़े
रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र में प्रदेश की कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार ने अपराधों से जुड़े आंकड़े पेश किए। जानकारी के अनुसार, रायपुर, बिलासपुर और दुर्ग जैसे बड़े शहरों में हत्या, लूट और अपहरण के मामले अन्य जिलों की तुलना में अधिक दर्ज किए गए हैं। वहीं नारायणपुर, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी और सुकमा जैसे आदिवासी बहुल जिलों में अपराधों की संख्या अपेक्षाकृत कम रही है।
विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान विधायक उमेश पटेल ने प्रदेश में पिछले दो वर्षों में हत्या, लूट, अपहरण, हिरासत में मृत्यु, जेल में मृत्यु को लेकर सवाल पूछा, उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने बताया कि हत्या, अपहरण सहित गंभीर अपराधों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। समय-सीमा में चालान प्रस्तुत करने के प्रयास किए जा रहे हैं। अपराधियों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
गृह मंत्री ने बताया कि महिला थाना, साइबर थाना, सामुदायिक पुलिसिंग, जन-चौपाल और त्वरित कानूनी कार्रवाई के माध्यम से कानून-व्यवस्था मजबूत की गई है। महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के लिए हेलो सिस्टर अभियान और अभिव्यक्ति मोबाइल ऐप के जरिए जागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। इसके साथ संवेदनशील क्षेत्रों में बीट व्यवस्था, सघन पेट्रोलिंग और सतत निगरानी से अपराध नियंत्रण सुनिश्चित किया जा रहा है।
गृह मंत्री विजय शर्मा द्वारा जवाब में उपलब्ध में कराए गए 1 जुलाई 2024 से 30 जून 2025 और 1 जुलाई 2025 से 30 जून 2026 के आंकड़ों के अनुसार, अधिकांश जिलों में पिछले वर्ष की तुलना में अपहरण के मामलों में स्पष्ट रूप से वृद्धि देखी गई है। राजधानी रायपुर में सबसे अधिक अपहरण के मामले दर्ज किए गए हैं। वर्ष 2024-25 में जहाँ 524 मामले थे, वहीं 2025-26 में यह संख्या बढक़र 634 हो गई। न्यायधानी बिलासपुर में भी अपहरण के मामले 331 से बढक़र 438 हो गए हैं। वहीं दुर्ग में अपहरण के मामले 229 से बढक़र 365 हो गए हैं।
प्रस्तुत जानकारी के अनुसार वहीँ विभिन्न जिलों में हत्या के मामलों में स्थिरता या आंशिक कमी/वृद्धि देखी गई है। रायपुर में हत्या के मामलों में मामूली कमी आई है। संख्या 85 से घटकर 84 हुई है। बिलासपुर में भी कमी देखी गई है, जहां 59 से घटकर 50 हो गए हैं। वहीं दुर्ग में यहाँ हत्या के मामले 53 से बढक़र 60 हो गए हैं। लूट की घटनाओं में अधिकांश बड़े शहरों में स्थिरता है या मामूली बदलाव आया है। रायपुर में लूट के मामलों में मामूली कमी आई है, जो 66 से घटकर 64 हो गई। बिलासपुर में मामलों में थोड़ी बढ़ोतरी हुई है, जो 31 से बढक़र 34 हो गई है। वहीं दुर्ग में यहाँ लूट के मामलों में गिरावट आई है, जो 43 से घटकर 27 रह गई है।
इसके साथ ही जानकारी सामने आई कि हिरासत में मौत का आंकड़ा लगभग सभी जिलों में शून्य है, जो कि सकारात्मक है। हालांकि, कुछ अपवाद भी हैं। जैसे कोरबा में वर्ष 2024-25 में 1 मामला दर्ज था। इसी तरह से सूरजपुर में वर्ष 2025-26 में 1 मामला दर्ज हुआ। धमतरी में वर्ष 2024-25 में और बीजापुर में वर्ष 2025-26 में महज एक मामला दर्ज किया गया।



