अल्दा की फर्जी ग्रामसभा पर गरमाई विधानसभा, मंत्री बोले जांच निष्पक्ष तरीके से जारी, सरकार के जवाब से असंतुष्ट विपक्ष ने किया वाकआउट

अल्दा की फर्जी ग्रामसभा पर गरमाई विधानसभा, मंत्री बोले जांच निष्पक्ष तरीके से जारी, सरकार के जवाब से असंतुष्ट विपक्ष ने किया वाकआउट
रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के चौथे दिन पूर्व मुख्यमंत्री एवं विधायक भूपेश बघेल ने अल्दा गांव में कथित फर्जी ग्रामसभा के आधार पर उद्योग स्थापना और भूमि आवंटन का मुद्दा सदन में उठाया। उन्होंने सरकार से इस मामले में की गई कार्रवाई और दोषियों के खिलाफ उठाए गए कदमों पर जवाब मांगा।
जवाब में उद्योग मंत्री ओपी चौधरी ने बताया कि जांच के दौरान ग्रामसभा के प्रस्ताव में अनियमितता और गलत तरीके से प्रस्ताव तैयार किए जाने के तथ्य सामने आए हैं। इस मामले में अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है और पुलिस द्वारा विवेचना की जा रही है। उन्होंने कहा कि जांच पूरी होने के बाद जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। साथ ही स्पष्ट किया कि संबंधित ग्राम पंचायत से जवाब मिलने तक भूमि आवंटन की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ाई जाएगी।
मंत्री के जवाब पर भूपेश बघेल ने सवाल उठाते हुए कहा कि ग्राम पंचायत का पंजीयन रजिस्टर सचिव के पास रहता है, ऐसे में अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का क्या औचित्य है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरपंच और पंचायत सचिव को बचाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने यह भी पूछा कि जिन उद्योगों को इस कथित फर्जी एनओसी का लाभ मिला, उनके खिलाफ अब तक कोई कार्रवाई क्यों नहीं की गई और संबंधित भूमि आवंटन रद्द क्यों नहीं किया गया।
इस पर मंत्री ओपी चौधरी ने दोहराया कि जांच निष्पक्ष तरीके से जारी है और जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी।
सरकार के जवाब से असंतुष्ट विपक्ष ने सदन में नारेबाजी की और अल्दा में कथित फर्जी ग्राम पंचायत एनओसी के मुद्दे पर सदन की कार्यवाही का बहिष्कार करते हुए वॉकआउट कर दिया। विपक्ष ने मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार अधिकारियों व लाभार्थियों पर कार्रवाई की मांग की।



