छत्तीसगढ़

देमार के महामाया मंदिर का जल्द होगा जीर्णोद्धार

देमार के प्राचीन महामाया मंदिर का जल्द होगा जीर्णोद्धार पं. राजेश शर्मा ने दिया सहयोग का आश्वासन, बोले— मंदिर हमारी आस्था और शक्ति के केंद्र हैं

धमतरी। जिले के ग्राम देमार स्थित प्राचीन महामाया मंदिर का शीघ्र जीर्णोद्धार किया जाएगा। वर्षों से ग्रामीणों की आस्था और श्रद्धा का केंद्र रहे इस मंदिर की दीवारें, फर्श और अन्य हिस्से समय के साथ जर्जर हो चुके हैं। मंदिर के संरक्षण एवं सौंदर्यीकरण को लेकर ग्राम देमार के प्रतिनिधिमंडल ने धमतरी के धर्मप्रेमी एवं भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य पं. राजेश शर्मा से मुलाकात कर सहयोग का आग्रह किया।

ग्रामीणों की मांग और मंदिर की वर्तमान स्थिति की जानकारी मिलने पर पं. राजेश शर्मा ने तत्काल मंदिर के जीर्णोद्धार के लिए सहयोग देने की सहमति प्रदान की। उन्होंने कहा कि धार्मिक स्थलों का संरक्षण समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है और ऐसे पवित्र स्थलों का विकास हमारी संस्कृति और परंपरा को मजबूत करता है।

इस अवसर पर देमार से आए बसंत, परदेसी मीनपाल, सीत कुमार साहू, दिनेश कुमार साहू एवं रघुवीर रामटेके ने मंदिर की आवश्यकताओं से उन्हें अवगत कराया। प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि महामाया मंदिर दशकों से गांववासियों की आस्था का केंद्र रहा है और यहां पूरे क्षेत्र के श्रद्धालु दर्शन एवं पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं। मंदिर के जीर्णोद्धार से श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और धार्मिक गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी।

पं. राजेश शर्मा ने कहा कि गांव हो या शहर, मंदिर हमारी आस्था, विश्वास और शक्ति के केंद्र होते हैं। इन्हीं धार्मिक स्थलों से सनातन समाज को ऊर्जा, प्रेरणा और संस्कार प्राप्त होते हैं। उन्होंने कहा, “मुझे जो कुछ भी माता महामाया की कृपा से मिला है, वह उसी माता की सेवा और उनके धाम के विकास के लिए समर्पित है। माता का दिया हुआ माता को ही अर्पित कर रहा हूं।”

ग्रामीणों ने मंदिर के जीर्णोद्धार के लिए त्वरित सहयोग का आश्वासन मिलने पर पं. राजेश शर्मा के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने विश्वास जताया कि मंदिर के जीर्णोद्धार के बाद यह धार्मिक स्थल और अधिक भव्य एवं आकर्षक स्वरूप में श्रद्धालुओं के लिए उपलब्ध होगा।

Author Desk

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