मंत्री टंकराम वर्मा के दौरे से पहले पुलिस कार्रवाई पर बवाल, कांग्रेस ने लगाए गंभीर आरोप
कांग्रेस बोले - मंत्री के दौरे में विरोध से बचने पुलिस का लिया गया सहारा, लोकतंत्र पर हमला
मंत्री टंकराम वर्मा के दौरे से पहले पुलिस कार्रवाई पर बवाल, कांग्रेस ने लगाए गंभीर आरोप
कांग्रेस बोली- मंत्री के दौरे में विरोध से बचने पुलिस का लिया गया सहारा, लोकतंत्र पर हमला
सुबह 5 बजे कार्यकर्ताओं को घरों से उठाने का आरोप, कांग्रेस बोली- सरकार लोकतंत्र की आवाज दबाने में जुटी
नगरी/धमतरी। जिले के प्रभारी मंत्री टंकराम वर्मा के नगरी दौरे से पहले शुक्रवार सुबह पुलिस की कार्रवाई को लेकर सियासी माहौल गरमा गया। कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि मंत्री के प्रस्तावित दौरे से पहले नगरी पुलिस ने सुबह करीब 5 बजे कई युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं के घर पहुंचकर उन्हें थाने ले गई। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यह कार्रवाई मंत्री के दौरे के दौरान विरोध और जनता की समस्याओं को उठाने से रोकने के उद्देश्य से की गई। घटना के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं में भारी नाराजगी देखने को मिली और इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताया गया।
कांग्रेस के अनुसार पुलिस ने प्रमोद कुंजाम, अभिषेक बंजारे, राकेश नेताम, आकाश नेताम, लक्ष्य तिवारी, हिमांशु प्रजापति, भीषम यादव और अंकुश देवांगन सहित कई कार्यकर्ताओं को उनके घरों से उठाकर थाने पहुंचाया। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि कार्यकर्ताओं ने कोई कानून व्यवस्था नहीं बिगाड़ी थी, बल्कि वे केवल क्षेत्र की समस्याओं और जनहित के मुद्दों को मंत्री के समक्ष उठाने की तैयारी कर रहे थे। इससे पहले ही पुलिस ने कार्रवाई कर उन्हें रोकने का प्रयास किया।
घटना की जानकारी मिलते ही आदिवासी कांग्रेस जिला अध्यक्ष मनोज साक्षी के नेतृत्व में कांग्रेस के पदाधिकारी और कार्यकर्ता नगरी थाना पहुंचे। उनके साथ नगरी ब्लॉक अध्यक्ष अनवर राजा, जिला कांग्रेस उपाध्यक्ष राजेंद्र सोनी, जिला कांग्रेस सचिव भरत निर्मलकर, अरविंद यादव, रुद्र प्रताप नाग, किशन गजेंद्र, भारत लहरे, नितिन पिंकी यदु, संत राम मारकाम, भावेश चांदनिया, लाकेश्वर साहू, योगेश मारकाम, गिरवार ध्रुव तथा उदित सोनी सहित बड़ी संख्या में कांग्रेसजन मौजूद रहे। उन्होंने पुलिस अधिकारियों से मुलाकात कर कार्रवाई का विरोध दर्ज कराया और भविष्य में इस प्रकार की कार्रवाई नहीं करने की चेतावनी दी।
आदिवासी कांग्रेस जिला अध्यक्ष मनोज साक्षी ने कहा कि लोकतंत्र में जनता और विपक्ष को अपनी बात रखने तथा सरकार से सवाल पूछने का संवैधानिक अधिकार है। यदि जनता की समस्याएं सरकार के सामने नहीं रखी जाएंगी तो लोकतांत्रिक व्यवस्था का कोई अर्थ नहीं रह जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि मंत्री के दौरे के दौरान जनता की आवाज उठने के डर से पुलिस का इस्तेमाल कर विपक्ष को दबाने का प्रयास किया गया है।
मनोज साक्षी ने कहा कि यह कार्रवाई दर्शाती है कि सरकार जनता और विपक्ष के सवालों से घबराई हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करने वाले कार्यकर्ताओं को सुबह-सुबह घरों से उठाना किसी भी दृष्टि से उचित नहीं कहा जा सकता। उन्होंने इसे लोकतंत्र की भावना के खिलाफ बताते हुए कहा कि यदि सरकार अपनी आलोचना भी नहीं सुनना चाहती तो यह लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए चिंताजनक स्थिति है।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि उनकी पार्टी क्षेत्र की समस्याओं, किसानों, युवाओं और आम जनता से जुड़े मुद्दों को लगातार उठाती रही है और आगे भी उठाती रहेगी। किसी भी प्रकार की पुलिस कार्रवाई या दबाव से कांग्रेस कार्यकर्ता पीछे हटने वाले नहीं हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि भविष्य में भी विपक्ष की आवाज दबाने के लिए पुलिस का दुरुपयोग किया गया तो कांग्रेस जिलेभर में व्यापक आंदोलन करेगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार और प्रशासन की होगी।
घटना के बाद नगरी क्षेत्र में इस कार्रवाई को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं। कांग्रेस ने पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा है कि लोकतांत्रिक अधिकारों का सम्मान किया जाना चाहिए और विपक्ष की आवाज को दबाने के बजाय जनता की समस्याओं का समाधान किया जाना चाहिए।



