घर में घुसकर दो ग्रामीणों पर किया जानलेवा हमला, फिर रहस्यमयी हालात में मिली तेंदुए की लाश
धमतरी के कर्राघाटी में सनसनी, घायल ग्रामीण अस्पताल में भर्ती, पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलेगा मौत का राज
घर में घुसकर दो ग्रामीणों पर किया जानलेवा हमला, फिर रहस्यमयी हालात में मिली तेंदुए की लाश
धमतरी के कर्राघाटी में सनसनी, घायल ग्रामीण अस्पताल में भर्ती, पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलेगा मौत का राज
नगरी/धमतरी। धमतरी जिले के नगरी वनांचल क्षेत्र से मानव और वन्यजीव संघर्ष की एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है। बिरगुड़ी वन परिक्षेत्र के कर्राघाटी गांव में देर रात एक तेंदुआ अचानक एक घर में घुस गया और घर के भीतर मौजूद दो ग्रामीणों पर हमला कर उन्हें घायल कर दिया। ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई। दोनों घायलों को तत्काल नगरी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार जारी है। घटना का सबसे रहस्यमयी पहलू यह रहा कि हमला करने के कुछ समय बाद उसी घर के भीतर तेंदुआ मृत अवस्था में मिला। इससे पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है।
जानकारी के अनुसार कर्राघाटी गांव में देर रात तेंदुआ अचानक एक मकान में घुस आया। घर में मौजूद धरम नेताम (40 वर्ष) और गांधी नेताम (50 वर्ष) पर उसने हमला कर दिया। दोनों ग्रामीण घायल हो गए। परिजनों और ग्रामीणों की मदद से उन्हें तत्काल नगरी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। चिकित्सकों के अनुसार दोनों की हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है।
घटना के कुछ देर बाद जब ग्रामीणों ने घर के भीतर देखा तो वहीं तेंदुआ मृत अवस्था में पड़ा मिला। इस अप्रत्याशित घटनाक्रम ने सभी को हैरान कर दिया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार तेंदुए के शरीर पर किसी धारदार या भारी हथियार से हमला किए जाने के स्पष्ट निशान नहीं मिले हैं। घटनास्थल पर अत्यधिक खून के निशान भी नहीं पाए गए हैं। ऐसे में उसकी मौत कैसे हुई, यह फिलहाल रहस्य बनी हुई है।
सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण शुरू किया। अधिकारियों ने आसपास के लोगों से पूछताछ कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी जुटाई। तेंदुए के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा।
वन विभाग इस बात की जांच कर रहा है कि तेंदुआ आबादी वाले क्षेत्र में कैसे पहुंचा, क्या वह पहले से घायल या बीमार था, हमला करने के बाद किन परिस्थितियों में उसकी मौत हुई और कहीं अत्यधिक तनाव, दम घुटने या किसी अन्य प्राकृतिक कारण से तो उसकी जान नहीं गई।
घटना के बाद कर्राघाटी सहित आसपास के गांवों में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों ने वन विभाग से क्षेत्र में गश्त बढ़ाने और वन्यजीवों की गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखने की मांग की है। विशेषज्ञों का मानना है कि जंगलों के लगातार सिकुड़ते दायरे और भोजन की तलाश में जंगली जानवरों का आबादी की ओर आना मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं को बढ़ा रहा है।
फिलहाल पूरे मामले की सबसे बड़ी गुत्थी तेंदुए की रहस्यमयी मौत बनी हुई है। अब सभी की निगाहें पोस्टमार्टम रिपोर्ट और वन विभाग की आधिकारिक जांच पर टिकी हैं, जिससे इस अनोखी घटना का सच सामने आ सकेगा।



