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ठेकेदार की लापरवाही से कोलियारी–खरेंगा–दोनर मार्ग बंद, हजारों ग्रामीणों का जिला मुख्यालय से टूटा संपर्क

वैकल्पिक मार्ग नहीं होने से स्कूली बच्चे, किसान, मरीज और ग्रामीण परेशान, रोड संघर्ष समिति ने दी आंदोलन की चेतावनी

 

ठेकेदार की लापरवाही से कोलियारी–खरेंगा–दोनर मार्ग बंद, हजारों ग्रामीणों का जिला मुख्यालय से टूटा संपर्क

वैकल्पिक मार्ग नहीं होने से स्कूली बच्चे, किसान, मरीज और ग्रामीण परेशान, रोड संघर्ष समिति ने दी आंदोलन की चेतावनी

 

धमतरी-  कोलियारी–खरेंगा–दोनर मुख्य मार्ग पर सारंगपुरी के पास निर्माणाधीन पुलिया एवं सड़क निर्माण कार्य में कथित लापरवाही के कारण क्षेत्र के हजारों ग्रामीणों का जनजीवन प्रभावित हो गया है। निर्माण एजेंसी द्वारा कार्य शुरू करने के बाद भी लोगों के आवागमन के लिए वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था नहीं किए जाने से कई गांवों का जिला मुख्यालय से संपर्क लगभग टूट गया है। इसका सबसे अधिक असर विद्यार्थियों, किसानों, मरीजों, गर्भवती महिलाओं और दैनिक आवागमन करने वाले लोगों पर पड़ रहा है।

 

शनिवार को रोड संघर्ष समिति के संरक्षक एवं पदाधिकारियों ने निर्माण स्थल का निरीक्षण कर मौके की स्थिति का जायजा लिया। समिति के सदस्यों ने बताया कि निर्माण कार्य की गति बेहद धीमी है और सुरक्षा संबंधी आवश्यक इंतजाम भी नहीं किए गए हैं। निरीक्षण के दौरान ठेकेदार से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन काफी कोशिशों के बावजूद संपर्क नहीं हो सका, जिससे ग्रामीणों में आक्रोश और बढ़ गया।

 

निरीक्षण के दौरान समिति के संरक्षक दयाराम साहू, संयोजक हीरेंद्र साहू, मनोज साहू सहित बड़ी संख्या में समिति के सदस्य एवं क्षेत्र के ग्रामीण मौजूद रहे। ग्रामीणों ने बताया कि सड़क बंद होने के कारण स्कूली बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। कई बच्चे विद्यालय नहीं पहुंच पा रहे हैं। किसानों को कृषि कार्य, खाद-बीज एवं फसल के परिवहन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है, वहीं मरीजों, गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों को अस्पताल तक पहुंचने में भारी परेशानी उठानी पड़ रही है।

 

रोड संघर्ष समिति के संरक्षक दयाराम साहू ने बताया कि कोलियारी–खरेंगा–दोनर मार्ग क्षेत्र की जीवनरेखा है, जिससे प्रतिदिन हजारों ग्रामीण जिला मुख्यालय और आसपास के क्षेत्रों तक आवागमन करते हैं। निर्माण कार्य शुरू होने के बाद बिना किसी वैकल्पिक व्यवस्था के सड़क बंद कर दी गई है, जिससे आम जनता को गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। स्कूली बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है, किसान अपनी उपज समय पर बाजार नहीं पहुंचा पा रहे हैं और मरीजों को अस्पताल पहुंचने में कठिनाई हो रही है। कई बार ठेकेदार से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। उन्होंने जिला प्रशासन एवं लोक निर्माण विभाग से तत्काल हस्तक्षेप कर वैकल्पिक मार्ग या अस्थायी पुल की व्यवस्था कराने तथा लापरवाही बरतने वाले ठेकेदार के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो क्षेत्र के ग्रामीणों के साथ मिलकर जनहित में आंदोलन किया जाएगा।

 

ग्रामीणों का कहना है कि बारिश के मौसम में स्थिति और अधिक गंभीर हो गई है। मार्ग पूरी तरह कीचड़ और पानी से भर गया है, जिससे दुर्घटना की आशंका लगातार बनी हुई है। यदि किसी गंभीर मरीज या आपातकालीन स्थिति में एम्बुलेंस की आवश्यकता पड़ती है तो समय पर चिकित्सा सुविधा मिलना भी मुश्किल हो सकता है।

 

रोड संघर्ष समिति ने जिला प्रशासन, लोक निर्माण विभाग तथा संबंधित अधिकारियों से निर्माण कार्य को युद्धस्तर पर पूरा कराने, आम लोगों की सुविधा के लिए तत्काल वैकल्पिक मार्ग अथवा अस्थायी पुल की व्यवस्था करने तथा लापरवाही बरतने वाले ठेकेदार के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

 

समिति ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं किया गया और ग्रामीणों की समस्याओं का निराकरण नहीं हुआ, तो क्षेत्रवासी जनहित में उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी संबंधित विभाग और निर्माण एजेंसी की होगी।

Author Desk

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