छत्तीसगढ़

नक्सल के गढ़ से राष्ट्रभक्ति की गूंज तक, बस्तर में निकली तिरंगा यात्रा, डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने किया शुभारंभ

बस्तर। छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा 12 अगस्त से बस्तर दौरे पर हैं। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राष्ट्रभक्ति, शांति और विकास का संदेश लेकर बस्तर तिरंगा यात्रा निकाली जा रही है। 12 से 15 अगस्त तक चलने वाली यह यात्रा बस्तर संभाग के नक्सल प्रभावित रहे और अब नक्सलमुक्त हो रहे गांवों से होकर गुजरेगी। यह यात्रा हर घर तिरंगा’ अभियान के तहत आयोजित की जा रही है। इसके माध्यम से बस्तर के लोगों के बीच राष्ट्रभक्ति की भावना को मजबूत करने के साथ यह संदेश देने का प्रयास किया जा रहा है कि बस्तर अब अमन, विश्वास, शांति और विकास की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहा है। यात्रा के दौरान बस्तर के दूरस्थ इलाकों में तिरंगा फहराया जाएगा और संविधान के राज्य के हर कोने तक पहुंचने का संदेश दिया जाएगा।

शहीदों को दी जाएगी श्रद्धांजलि

तिरंगा यात्रा के दौरान बलिदान स्थलों पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। शहीदों के स्मृति स्थलों पर पुष्पांजलि अर्पित कर दो मिनट का मौन रखा जाएगा। साथ ही शहीद परिवारों का सम्मान किया जाएगा। शहीदों की शहादत वाले स्थानों की मिट्टी को भी एकत्र कर संरक्षित किया जाएगा। इस पवित्र मिट्टी को भविष्य में शहीदों के लिए बनाए जाने वाले संग्रहालय में रखा जाएगा, ताकि आने वाली पीढिय़ां बस्तर के वीर शहीदों के त्याग और बलिदान से प्रेरणा ले सकें।

महिला बाइकर्स रहेंगी आकर्षण का केंद्र

‘बस्तर तिरंगा यात्रा’ में वुमन बाइकर्स रैली भी विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगी। संभाग के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में बाइक राइडर्स यात्रा में शामिल होंगे। महिला बाइकर्स हाथों में तिरंगा लेकर रैली में हिस्सा लेंगी। यात्रा में स्थानीय युवा, स्वयंसेवी संगठन, महिला समूह, एनसीसी, एनएसएस, नेहरू युवा केंद्र, स्काउट-गाइड और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की भी भागीदारी रहेगी।

नक्सल प्रभावित इलाकों से गुजरेगी यात्रा

12 अगस्त को तिरंगा यात्रा नारायणपुर से शुरू होकर धौड़ाई, कन्हारगांव, कोड़ेनार, बोदली, सातधार, बारसूर और गीदम होते हुए दंतेवाड़ा पहुंचेगी। दंतेवाड़ा में रात्रि विश्राम के बाद 13 अगस्त को यात्रा आगे बढ़ेगी।

13 अगस्त को यात्रा दंतेवाड़ा से कुआकोंडा, भुसारास घाटी, चिंगावरम, सुकमा, एर्राबोर, मनीकोंटा, दोरनापाल, पोलमपल्ली, बुर्कापाल, मिनपा-टाड़मेटला, चिंतलनार, जगरगुंडा, सिलगेर, टेकलगुड़ेम और आवापल्ली होते हुए बीजापुर पहुंचेगी। यहां रात्रि विश्राम किया जाएगा।

14 अगस्त को यात्रा बीजापुर से आवापल्ली, उसूर, गलगम, नंबी और ताड़पाला होते हुए कुर्रेगुट्टालु पहाड़ी पहुंचेगी। यात्रा के अंतिम प्रमुख पड़ाव पर कभी माओवादियों का गढ़ मानी जाने वाली कुर्रेगुट्टालु पहाड़ी पर तिरंगा फहराया जाएगा।

इस यात्रा के जरिए बस्तर के उन इलाकों में राष्ट्रध्वज पहुंचाने का संदेश दिया जा रहा है, जहां कभी माओवादी गतिविधियों के कारण पहुंचना चुनौतीपूर्ण माना जाता था। यात्रा के माध्यम से शांति, सुरक्षा, लोकतंत्र और विकास की नई तस्वीर सामने रखने का प्रयास किया जा रहा है।

Author Desk

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