धनतेरस पर बाजारों में उमड़ेगी रौनक, सोना-चांदी और बर्तनों की खरीदारी को लेकर उत्साह
भगवान धन्वंतरि, मां लक्ष्मी और कुबेर की पूजा-अर्चना के साथ पांच दिवसीय दीपोत्सव का होगा शुभारंभ, घर-आंगन दीपों से होंगे रोशन

धनतेरस पर बाजारों में उमड़ेगी रौनक, सोना-चांदी और बर्तनों की खरीदारी को लेकर उत्साह
भगवान धन्वंतरि, मां लक्ष्मी और कुबेर की पूजा-अर्चना के साथ पांच दिवसीय दीपोत्सव का होगा शुभारंभ, घर-आंगन दीपों से होंगे रोशन
धमतरी। सुख, समृद्धि, आरोग्य और खुशहाली का प्रतीक पर्व धनतेरस पूरे श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाएगा। धनतेरस के साथ ही पांच दिवसीय दीपोत्सव का शुभारंभ होगा। पर्व को लेकर शहर से लेकर गांवों तक उत्साह का माहौल है। घरों की साफ-सफाई, रंग-रोगन और आकर्षक सजावट के साथ लोग दीपावली की तैयारियों में जुटे हुए हैं।
धनतेरस के अवसर पर सोना-चांदी, आभूषण, पीतल, तांबे और स्टील के बर्तन, इलेक्ट्रॉनिक सामान, वाहन सहित घरेलू उपयोग की वस्तुओं की खरीदारी को शुभ माना जाता है। बाजारों में भी पर्व को लेकर विशेष तैयारियां की गई हैं। सराफा दुकानों, बर्तन बाजार और इलेक्ट्रॉनिक प्रतिष्ठानों में ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए आकर्षक सजावट और विभिन्न ऑफर की तैयारी है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, समुद्र मंथन के दौरान भगवान धन्वंतरि अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे। इसलिए धनतेरस को धन्वंतरि जयंती के रूप में भी मनाया जाता है। इस दिन भगवान धन्वंतरि की पूजा कर परिवार के अच्छे स्वास्थ्य और दीर्घायु की कामना की जाती है। वहीं माता लक्ष्मी और भगवान कुबेर की आराधना कर घर में सुख-समृद्धि और धन-धान्य की वृद्धि की प्रार्थना की जाती है।
धनतेरस पर शाम को घरों के मुख्य द्वार पर दीपक जलाने और यमदीपदान करने की भी विशेष परंपरा है। मान्यता है कि इससे परिवार में सुख-शांति और मंगल बना रहता है।
खरीदारी के साथ स्वदेशी को दें बढ़ावा
धनतेरस का पर्व केवल खरीदारी का अवसर नहीं, बल्कि स्थानीय व्यापारियों, कारीगरों और छोटे दुकानदारों को प्रोत्साहित करने का भी मौका है। मिट्टी के दीपक, स्वदेशी सजावटी सामग्री और स्थानीय उत्पादों की खरीदारी कर छोटे व्यवसायियों के चेहरे पर मुस्कान लाई जा सकती है।
आज हर घर में जलेगा खुशियों का दीप
धनतेरस के पावन अवसर पर लोग भगवान धन्वंतरि से निरोगी काया, माता लक्ष्मी से सुख-समृद्धि और भगवान कुबेर से धन-वैभव की कामना करेंगे। दीपों की रोशनी, पूजा की खुशबू और बाजारों की चहल-पहल के बीच दीपावली के उल्लास की शुरुआत होगी।



