छत्तीसगढ़राजनीति

महिला सशक्तिकरण और कल्याण के नाम पर केवल जुबानी जमा खर्च, न तो महिलाएं सुरक्षित हैं, न उनके स्वास्थ्य की कोई फिक्र : डॉ. सरोज पांडेय

रायपुर। भारतीय जनता पार्टी की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व सांसद डॉ. सरोज पांडेय ने प्रदेश के उपमुख्यमंत्री व स्वास्थ्य मंत्री टी.एस. सिंहदेव के विधानसभा क्षेत्र और जिला मुख्यालय अंबिकापुर में एक महिला द्वारा मेडिकल कॉलेज अस्पताल के बाहर सुबह बच्चे को जन्म देने की खबर को प्रदेश की बदहाल हो चली स्वास्थ्य सेवाओं की शर्मनाक तस्वीर बताया है। डॉ. सरोज पांडेय ने कहा कि जब प्रदेश के उपमुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री सिंहदेव के अपने ही इलाके में जब स्वास्थ्य महकमा संवेदनहीनता की पराकाष्ठा कर रहा है तो प्रदेश के दीगर इलाकों की बदहाली का अनुमान तो सहज ही लगाया जा सकता है।

सरोज पांडेय ने कहा कि इस पूरे प्रकरण की संजीदगी से जाँच होनी चाहिए कि जब बुधवार देर रात बलरामपुर निवासी एक गर्भवती को अस्पताल में भर्ती कराया गया था, तो गुरुवार की सुबह मेडिकल कॉलेज के बाहर महिला ने किन अव्यवस्थाओं के चलते बच्चे को जन्म देने के लिए विवश हुई? गुरुवार सुबह करीब 7 बजे अस्पताल का शौचालय गंदा होने के कारण महिला टॉयलेट के लिए बाहर चली गई। इसी दौरान उसे प्रसव पीड़ा शुरू हो गई और थोड़ी देर बाद महिला ने वहीं एक बच्चे को जन्म दिया। गर्भवती महिला के पति का यह आरोप बेहद गंभीर है कि अस्पताल के स्टाफ ने हमारी कोई मदद नहीं की। डॉ. पांडेय ने महिला के पति के आरोपों पर मेडिकल कॉलेज के कर्मचारियों के उस कथन को गैरजिम्मेदाराना बताया कि अस्तपाल के बाहर उनकी कोई जिम्मेदारी नहीं है। फिलहाल, बच्चे की हालत गंभीर है। उसे एसएनसीयू में भर्ती कराया गया है। महिला के पति का यह आरोप भी स्वास्थ्य विभाग में चल रही भर्राशाही का परिचायक है कि प्रसव पीड़ा होने पर अस्पताल स्टाफ को इसकी सूचना दी गई थी, लेकिन कोई मदद के लिए नहीं आया। इस दौरान अस्पताल के बाहर अन्य महिलाओं ने उसकी दिक्कत देखी तो वो मदद के लिए आगे आईं। उन्होंने ही उसकी पत्नी का प्रसव कराया। बच्चे की हालत ठीक नहीं है। अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अव्यवस्थाओं का शिकार है। कुछ समय पहले वहां भोजन की अव्यवस्था को लेकर बात सामने आई थी।

सरोज पांडेय ने आगे कहा कि बस्तर, सरगुजा तथा सुपेबेड़ा व अन्य दुर्गम क्षेत्रों में हवाई एम्बुलेंस सेवा प्रदान करने के वादे पर सरकार ने एक कदम भी आगे नहीं बढ़ाया। उप मुख्यमंत्री व स्वास्थ्य मंत्री सिंहदेव भले सात समंदर पार कर स्वास्थ्य सेवाओं को देखने गए थे, लेकिन छत्तीसगढ़ की स्वास्थ्य व्यवस्था ने रायपुर तक को पार नहीं किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार महिला सशक्तीकरण और कल्याण के नाम पर केवल जुबानी जमाखर्च कर रही है। जमीनी सच्चाई यह है कि न तो महिलाएँ कहीं भी सुरक्षित हैं, न उनके बेहतर स्वास्थ्य की कोई फिक्र कांग्रेस की इस भूपेश सरकार को है।

Author Desk

Related Articles

Back to top button