छत्तीसगढ़

जनवरी में बस्ती खाली करने रेलवे अधिकारियों ने दिया मौखिक आदेश, सहमे स्टेशनपारा और देवार बस्ती वासियों ने झुग्गी झोपड़ी प्रकोष्ठ के प्रदेश उपाध्यक्ष अवैश हाशमी, बाबा खान और नरसिंह साहू के नेतृत्व में कलेक्ट्रेट पहुंचे

धमतरी — शहर के औधोगिक वार्ड के झुग्गी झोपड़ी स्टेशन पारा एवं देवार बस्ती में रहने वाले लोगो में रेल्वे द्वारा मौखिक रूप से जनवरी में खाली करने की कार्यवाही की बात कहे जिसको लेकर झुग्गी झोपड़ी बस्ती वालों में दहशत है। समय रहते इनका व्यवस्थापन करने वार्ड के पूर्व पार्षद व जल विभाग अध्यक्ष अवैश हाशमी मांग उठाते आ रहे है। हाशमी ने कहा कि देवार बस्ती के लोग शहर की सफाई में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते आ रहे हैं। शहर की गंदगियों को उठाकर घर ले जाकर एक एक चीज चुन चुनकर और छांटकर कबाड़ी में बेचकर अपना जीवन यापन करते हैं। धमतरी में ब्राडगेज का बनना हम सबके लिए खुशी और गौरव की बात है। बड़ी रेल लाइन से धमतरी का चौमुखी विकास होगा, इसके लिए हम केंद्र और छत्तीसगढ़ शासन का धन्यवाद करते हैं। विदित हो कि रेल्वे की कार्यवाही से पहले व्यवस्थापन की मांग औधोगिक वार्ड के पार्षद रहते हुए और झुग्गी झोपड़ी कांग्रेस प्रकोष्ठ के प्रदेश महामंत्री रहते अवैश हाशमी के नेतृत्व में स्टेशन पारा बस्ती वालों ने लगातार संघर्ष किए जिसका परिणाम है कि औधोगिक वार्ड स्टेशनपारा के लोगो के लिए 287 मकान स्वीकृत हुआ जो कि जैविक खाद के पास बन रहा है, जिसमें 80 बन चुके हैं। बाकी का कार्य लाॅकडाउन के समय से बंद था, जिसके लिए भी हाशमी ने प्रयास किया और स्टेशन पारा के पार्षद चोवा राम वर्मा और वार्ड वासियों के साथ महापौर विजय देवांगन से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपे और निवेदन किए जिस पर निगम ने टेंडर निकाला और प्रक्रिया पूर्ण कर शासन को स्वीकृति के लिए भेजे है। शासन से अनुमति मिलते ही बचे मकानों के निर्माण कार्य शुरू हो जाएंगे।रेलवे द्वारा मौखिक रूप से कहां गया कि जनवरी के आखरी माह में खाली कर सकते हैं जिससे वार्ड वासियों में दहशत है हाशमी ने ज्ञापन में लिखा है कि 287 बन रहे बहुमंजिला मकानों में 80 बन चुके हैं जिसका जल्द दरवाजा खिड़की लगाकर कार्य पूर्ण करे ताकि 80 परिवारों को तत्काल राहत मिल जायेगा और बचे 207 मकानों के कार्य भी जल्द शुरू कर कार्य पूर्ण करने की मांग रखे।इसके अलावा देवार बस्ती वालों का भी व्यवस्थापन की उचित व्यवस्था की जानी चाहिए क्योंकि इनके पास रहने के लिए कोई दूसरा ठिकाना नहीं है। देवार पारा बस्ती वालों की मांग को लेकर कई बार आवेदन भी दिया गया है मगर अभी तक व्यवस्थापन की उचित व्यवस्था नहीं हुई है। इधर ब्राडगेज के कार्य की गति बढ़ते जा रही है। देवार बस्ती तरफ भी बहुत बड़ा एवं चौड़ा और गहरा गड्ढा खोदा गया है। इन निर्माण कार्यों से देवार बस्ती वाले डरे, सहमे और भयभीत हैं।हाशमी ने कहा कि किसी दूसरी जगह पर व्यवस्थापन होने से ही देवार बस्ती के लोग बेसहारा होने से बचेंगे। देवार बस्ती वालों को एक साथ रहने के लिए उचित स्थान या फिर इनके लिए सर्वे कराकर पीएम आवास योजना के तहत एक साथ एक जगह 55-60 परिवारों के लिए पक्का आवास बनवाना बेहतर साबित होगा। समय रहते व्यवस्थापन नहीं होने से झुग्गी झोपड़ी देवार बस्ती वालों को बहुत परेशानियों का सामना करना पड़ेगा घर से बेघर हो जायेंगे। झुग्गी झोपड़ी देवार बस्ती वालों के हक की आवाज को बुलंद कर सोमवार को कलेक्ट्रेट पहुंच कर जनदर्शन में ज्ञापन झुग्गी झोपड़ी कांग्रेस प्रकोष्ठ के प्रदेश उपाध्यक्ष अवैश हाशमी एवं बाबा खान और नरसिंह साहू के नेतृत्व में फिरनतिन साहू,दशोदा मंडावी,रामा यादव,दीपक साहू,कोमल साहू,ओंकार साहू,लखन ध्रुव,संतोषी पांडे,परमानंद यादव,कार्तिक यादव,प्रमिला नेताम,परमा नेताम, शकुन,समीर,सचिन,सुरेशा,पप्पू देवार,विक्की देवार,राहुल, सुल्तान,बलवान,शिवा,ऋतिक, भारत देवार,पवन देवार,राजेश देवार,डेरहीन बाई,सुशील, सुनील,राज,बीर,लखन,जुली, साधना,मंजूरी, सुनीता, रानी, ऊदल,बाबा राम,तुलसी,पार्वती, करीना,गौरी,दुर्गेश,प्रीतम,राज, सलमान,जैकी,देवा,डान,राम, गायत्री,गोलू,आरती,भारती, नंदनी,जय,पायल,अनिता, विश्वप्रताप,काशीराम,अमृता, गोविंद,अंसुइया,जीत मरकाम, धन्नू,राजेश,गोपाल,रूपा,अर्जुन, गीता,कुसुम,सूरज,कृश,मीना, आरती,अजय,सोनम देवार आदि ने साैपा है।कलेक्टर महोदया ने हाशमी और झुग्गी झोपड़ी स्टेशन पारा और देवार बस्ती वालों की मांग को गंभीरता से लिए और आश्वस्त किए।

Author Desk

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