छत्तीसगढ़

महादेव सट्टा : पूर्व सीएम सलाहकार सहित कई कांग्रेस नेता निशाने पर, गिरफतारी वारंट जारी

महादेव सट्टा : पूर्व सीएम सलाहकार सहित कई कांग्रेस नेता निशाने पर, गिरफतारी वारंट जारी

एक सप्‍ताह में 21 आरेस्ट हुए

दुबई जाने वालों की सूची की जा रही तैयार

रायपुर. छत्‍तीसगढ़ का सबसे बड़ा चर्चित महादेव सट्टा एप केस में ईडी शीघ्र ही पूरक परिवाद पेश करने वाली है। इस चार्ज शीट में कांग्रेस के कई बड़े नेताओं और उनके रिश्‍तेदारों, परिजनों के नाम शामिल हैं, जिन्‍हें आरोपी बनाने की तैयारी प्रवर्तन निदेशालय ने की है। ऐसे लोगों के संपर्क और कनेक्‍शन की जानकारी एकत्रित की जा रही है। इसमें कई बड़े कारोबारी, स्कूल-कॉलेज संचालक से लेकर अधिकारी-कर्मचारियों के नाम भी शामिल बताए जा रहे हैं।

बताया जा रहा है कि इनके खिलाफ पड़ताल में ईडी को पर्याप्त सबूत और गवाह मिले हैं। इसलिए उनका नाम परिवाद में शामिल करने की तैयारी की जा रही है। इसके अलावा इसमें पिछली सरकार के कुछ प्रभावशाली लोगों को भी आरोपी बनाने की तैयारी है। इसमें प्रमुख रूप से पूर्व सीएम के खास सिपहसालार का नाम भी शामिल है.

दुबई जाने वालों की सूची की जा रही तैयार
महादेव सट्टा ऐप केस में प्रमोटर सौरभ चंद्राकर के शादी समारोह से लेकर उसकी हर साल होने वाली पार्टी के भी रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं। जिसमें उसकी पार्टी में विदेश जाने वालों की सूची तैयार की जा रही है। जिन लोगों से ईडी ने पूछताछ की है। बताया जा रहा है कि इनमें कई लोग ऐसे भी हैं, जिन्‍हें ईडी ने जांच के दायरे में शामिल नहीं किया है। पुलिस ने एक सप्‍ताह में 21 से अधिक लोगों को अरेस्‍ट किया है। इसमें पुलिस को बड़ा क्लू मिला है, जिसके आधार पर जांच की जा रही है। इसी मामले में टेलीकॉम कंपनी और बैंक के अधिकारियों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है।

ईडी के बाद ईओडब्ल्यू ने भी महादेव सट्टा केस की पड़ताल तेज कर दी है। ईओडब्ल्यू ने दिल्ली और गोवा से राहुल वटके और रितेश यादव को अरेस्‍ट किया है। जेल में बंद एएसआई चंद्रभूषण वर्मा, व्‍यापारी सुनील दम्मानी और सतीश चंद्राकार की भी गिरफ्तारी की गई है। आरोपियों को आमने-सामने बिठाकर पूछताछ की जा रही है। रितेश ने चंद्रभूषण पर आरोप लगाया है कि वह उन्हीं के लिए काम करता है।

उनके कहने पर पैसों का कलेक्शन करता और उनके बताई जगह पर पहुंचाता था। राहुल हवाला का काम करता था। राहुल और रितेश ने चंद्रभूषण और सतीश पर आरोप लगाया है कि दोनों ही पैसों के लेनदेन को संभालते थे। यही लोग पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों के पास रुपए भेजते थे। सतीश कई पुलिस वालों के साथ आता-जाता था। दोनों मिलकर ट्रांसफर-नियुक्ति भी कराते थे। दोनों का प्रमोटर सौरभ, रवि और शुभम से सीधा कनेक्शन के सबूत मिले हैं।

ईओडब्‍ल्‍यू कर रही लगातार पूछताछ
इधर ईओडब्ल्यू सट्टे का पैनल चलाने वालों से लगातार पूछताछ जारी है। इस केस में रायपुर के एक चर्चित क्लब के संचालक को भी बुलाया गया है, जिससे पूछताछ की जा रही है। सबसे अधिक दुर्ग-भिलाई के लोगों से पूछताछ की जा रही है। रायपुर, बिलासपुर, रायगढ़ औ सक्ती जिले के बड़े सटोरी और पैनल ऑपरेटर को बुलाया है।

Author Desk

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