छत्तीसगढ़

तेंदुआ की खाल बेचते दो पकड़ाए, दो साल पहले किया था शिकार, इंद्रावती टाइगर रिजर्व में सक्रिय है तस्करों का गैंग

तेंदुआ की खाल बेचते दो पकड़ाए, दो साल पहले किया था शिकार, इंद्रावती टाइगर रिजर्व में सक्रिय है तस्करों का गैंग

बीजापुर. जिले से लगे पड़ोसी राज्य तेलंगाना के मंचेरियाल से पुलिस ने बीजापुर के दो शिकारियों को तेंदुआ की खाल के साथ पकड़ा है। शिकारी तेंदुआ की खाल को बेचने मंचेरियाल गए थे, जहां वे पकड़े गए।

जानकारी के अनुसार, तेलंगाना के मंचेरियाल जिले में कोटापल्ली पुलिस ने छत्तीसगढ़ के दो शिकारियों को तेंदुआ की खाल के साथ पकड़ा है। दोनों आरोपियों की पहचान दुर्गम पवन (31) और बाबर खान (42) के रूप में की गई है। दोनों छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के रहने वाले बताये गये हैं। तेलंगाना पुलिस के मुताबिक, दुर्गम पवन ने दो वर्ष पहले बीजापुर जिले के बोदागुट्टा वन क्षेत्र में एक तेंदुए को मार डाला और उसकी खाल को जंगल में छुपा रखा था। वह तेंदुए की खाल बेचने के लिए दो मोटरसाइकल से अपने साथी के साथ मंचेरियल जा रहा था, तभी उसे पुलिस ने पकड़ लिया।

पुलिस ने वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम 1972 के तहत दोनों के खिलाफ कार्रवाई के लिए जब्त तेंदुए की खाल को वन विभाग के अधिकारियों को सौंप दिया है। इधर इंद्रावती टाइगर रिजर्व के उपनिदेशक संदीप बलगा ने बताया कि मंचेरियाल से दो लोगों को तेंदुआ की खाल के साथ पकड़े जाने की जानकारी उन्हें मिली है। टीम आगे की जानकारी जुटा रही है।

ज्ञात हो कि वर्ष 2023 में जून महीने में मद्देड़ रेंज के रुद्रारम से बाघ के खाल के साथ तस्करों को इंद्रावती टाइगर रिजर्व के अमले ने पकड़ा था। छत्तीसगढ़ के अंतिम छोर पर महाराष्ट्र बार्डर से लगे कोंडामौसम गांव में बाघ के शिकार किया गया था। इस शिकार के मामले में इंद्रावती टाइगर रिजर्व के अमले ने अब तक की सबसे बड़ी कार्यवाही करते हुए तस्करों का रैकेट पकड़ा था।

Author Desk

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