छत्तीसगढ़

4 साल बाद जेल में फिर शुरू हुआ रक्षाबंधन,कैदी भाईयों की कलाई में सजी राखी

जिला जेल मे बहनो के लिए विशेष इंतजाम

धमतरी (प्रखर) रक्षाबंधन का पर्व 19 अगस्त को धूमधाम से मनाया जा रहा है।छत्तीसगढ़ में कोरोना के समय से यह पर्व जेल में सार्वजनिक तौर पर मनाने पर प्रतिबंध लगा चुका था। लेकिन इस बार धमतरी से हेमराज सोनी एवं अन्य संस्थाओं ने गृह मंत्री विजय शर्मा से इसे चालू करने की मांग की थी। जिसे लागू कर दिया गया। सोमवार को कैदी भाइयों की बहने जेल पहुंचकर अपने भाइयों की सुनी कलाई पर राखी बांधते हुए सही राह पर चलने का वादा लिया।
भाई बहन के प्रेम का प्रतीक रक्षाबंधन का पर्व 19 अगस्त को अंचल में मनाया जा रहा है।इस बार कैदी लोगों को असमंजस थी कि क्या इस त्यौहार में उनके कलाईयां सुनी रह जाएंगी। लेकिन इस बार शासन द्वारा रक्षाबंधन पर्व मनाने का आदेश जारी किया गया। धमतरी जेल में भी रक्षाबंधन का पर्व मनाया गया। सुबह 8 से दोपहर 3 तक के लिए यह व्यवस्था की गई। सुबह से ही अंदर में बंद बंदी और कैदियों की बहने पहुंच चुकी थी। रक्षाबंधन के गानों के बीच नम आंखों से बहनों ने अपने भाइयों से वादा लिया कि जेल से बाहर निकालने के बाद अच्छे राह पर चलना है।
इस संबंध में जेल अधीक्षक एनके डरहिया ने बताया कि सुबह से ही बहनें आना शुरू हो गई थी। आधार कार्ड दिखाकर पंजीयन करती जा रही थी। बारी-बारी से जेल के अंदर उन्हें मौका दिया गया। प्रत्येक बहन को 10 मिनट का समय दिया गया।100 ग्राम मिठाई की अनुमति दी गई थी। बाहर जिला पुलिस बल के जवान तैनात थे। अंदर में महिला आरक्षक की तैनाती की गई थी। रक्षाबंधन के पर्व पर बंदियों को विशेष रूप से हलवा, चना, पुड़ी का भोजन कराया गया। कई बहनों की आंखें इस वक्त नम हो गई थी। 4 साल के लंबे अंतराल के बाद यह पर्व जेल में फिर से शुरू हो गया है।

Author Desk

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