उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व में शिकारियों पर बड़ी कार्रवाई, 5 गिरफ्तार, भरमार बंदूक बरामद

धमतरी(प्रखर)उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व में वन्यजीवों के अवैध शिकार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत ओडिशा वन विभाग की एंटी पोचिंग टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पांच शिकारियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से भरमार बंदूक भी बरामद की गई है। बताया गया है कि आरोपी गुलेल से उड़न गिलहरी तथा तीर-धनुष से कोटरी (वन्यजीव) का शिकार कर रहे थे। पकड़े गए आरोपियों में एक ओडिशा का प्लांटेशन चौकीदार भी शामिल है।
वन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व के गरियाबंद क्षेत्र के इंद्रागांव (बुधराजपुरी) बीट के पीलपखर जंगल के कक्ष क्रमांक 1204 में अवैध शिकार की सूचना मिलने पर टीम ने दबिश दी। मौके से चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार आरोपियों में जब्बर पिता तारिया कुमार, मनीराम पिता तुलसीराम पारधी, गुड्डू पिता पोड़ेराम कुमार तथा लक्ष्मण पिता तुलसीराम पारधी शामिल हैं। सभी आरोपी ओडिशा के नवापारा और आसपास के क्षेत्रों के रहने वाले बताए गए हैं।
वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 की विभिन्न धाराओं के तहत आरोपियों के खिलाफ पीओआर प्रकरण क्रमांक 16/392 दिनांक 13 मार्च 2026 को दर्ज किया गया है। मामले में न्यायालय में पेशी के बाद सभी आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। पूछताछ के दौरान आरोपियों की निशानदेही पर ग्राम कोलिहाल (ओडिशा) के एक व्यक्ति के पास से एक भरमार बंदूक भी बरामद की गई है। इसके अलावा फरार आरोपी गुड्डू के घर से वन्यप्राणी (बयान के आधार पर कोटरी) का कच्चा मांस भी जब्त किया गया है।
वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस शिकार प्रकरण में पांच अन्य लोगों की भी संलिप्तता सामने आई है, जिनकी तलाश की जा रही है। आरोपियों के संबंध में यह भी जानकारी मिली है कि वे शिकार कर वन्यजीवों को उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व से करीब 50 किलोमीटर दूर ले जाकर बेचते थे। इससे पहले टीम ओडिशा के नवरंगपुर, कालाहांडी, बोलांगीर और रायगढ़ा जिलों में भी इस तरह की कार्रवाई कर चुकी है।
पूरे अभियान का संचालन वन विभाग के अधिकारियों के मार्गदर्शन में किया गया। कार्रवाई में सहायक संचालक उदंती, परिक्षेत्र अधिकारी इंद्रागांव, दक्षिण उदंती वन परिक्षेत्र तथा ओडिशा के नवापारा वनमंडल के अधिकारियों और कर्मचारियों का विशेष योगदान रहा। इसके अलावा वनरक्षक, वनपाल, सुरक्षा कर्मियों और स्थानीय स्टाफ ने भी संयुक्त रूप से अभियान को सफल बनाया।
वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि टाइगर रिजर्व क्षेत्र में वन्यजीवों के शिकार या अवैध गतिविधियों को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।



