एक ही परिवार के 4 लोगों की धारदार हथियार से निर्मम हत्या, संपत्ति विवाद में पिता-पुत्र ने घटना को दिया अंजाम

घर में खून से लथपथ मिले बुजुर्ग दंपति समेत नाती-नातिन
जांजगीर-चांपा। शिवरीनारायण थाना क्षेत्र से दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। ग्राम भंवतरा में एक ही परिवार के चार लोगों की बेरहमी से हत्या कर दी गई, जिससे पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। देर रात हमलावर घर में घुसे और धारदार हथियार से परिवार पर हमला कर दिया। पुलिस की शुरुआती जांच के बाद सामने आया है कि इस जघन्य वारदात को मृतक के पुत्र सोना साय कश्यप ने अपने बेटे गोलू के साथ मिलकर अंजाम दिया। जांच में यह भी तथ्य सामने आया है कि मुख्य आरोपी सोना साय कश्यप का आपराधिक इतिहास पहले से रहा है।
इस सामूहिक हत्याकांड के बाद पूरे क्षेत्र में भय और तनाव का माहौल बना हुआ है। मिली जानकारी के मुताबिक मृतकों में 70 वर्षीय मेदनी प्रसाद कश्यप, उनकी 65 वर्षीय पत्नी कांति बाई, 25 वर्षीय नातिन मोगरा और 17 वर्षीय नाती पीतांबर शामिल हैं। बताया जा रहा है कि देर रात टांगी जैसे धारदार हथियार से हमला कर चारों को मौत के घाट उतार दिया गया। बताया जा रहा है कि परिवार नए मकान निर्माण कार्य से जुड़ा हुआ था। सुबह जब निर्माण कार्य के लिए मिस्त्री घर पहुंचा, तब उसने चारों को खाट पर बेसुध हालत में देखा। इसके बाद गांव में हडक़ंप मच गया और ग्रामीणों ने सरपंच के माध्यम से पुलिस को सूचना दी। घटना की जानकारी मिलते ही शिवरीनारायण पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। वहीं जानकारी यह भी सामने आई है कि मृतक के एक बेटे की करीब 16 से 17 वर्ष पहले भी हत्या हो चुकी थी।
पुलिस के अनुसार, पूरा मामला पारिवारिक संपत्ति विवाद से जुड़ा हुआ है। पैतृक संपत्ति को लेकर लंबे समय से परिवार में तनाव चल रहा था, जो धीरे-धीरे गंभीर विवाद में बदल गया और इसी के चलते हत्या की यह वारदात सामने आई। मृतक के पुत्र सोना साय कश्यप ने अपने बेटे गोलू के साथ मिलकर अंजाम दिया। बताया जा रहा है कि उसने पूर्व में अपने ही बड़े भाई की हत्या की थी, जिसके चलते वह लगभग 15 साल तक जेल में रहा। हाल ही में सजा पूरी होने के बाद वह रिहा होकर गांव लौटा था। गांव लौटने के बाद भी पारिवारिक विवाद शांत नहीं हुआ और संपत्ति बंटवारे को लेकर लगातार विवाद की स्थिति बनी रही। इसी विवाद के चलते आरोपी ने इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया। शिवरीनारायण पुलिस ने पूर्व में भी आरोपी सोना साय कश्यप के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की थी, लेकिन इसके बावजूद मामला शांत नहीं हो सका। अब इस घटना के बाद पुलिस ने पूरे मामले की गंभीरता से जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के मुताबिक, घटना का पता गुरुवार सुबह तब चला, जब वहां पहुंचे मिस्त्री ने मेदनी प्रसाद कश्यप, पीताम्बर कश्यप, शांति बाई और कुमारी मोगरा के शव देखे। इसके बाद मौके पर फोरेंसिक और डॉग स्क्वायड की टीम पहुंची और जांच में जुटी गई, इस दौरान पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जिसके बाद इस जघन्य हत्याकांड का खुलासा हुआ।



