विधानसभा में फायर स्टेशनों की कमी का मुद्दा गूंजा, 6 जिलों में अब भी नहीं है अग्निशमन केंद्र

विधानसभा में फायर स्टेशनों की कमी का मुद्दा गूंजा, 6 जिलों में अब भी नहीं है अग्निशमन केंद्र
रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान भाजपा विधायक सुनील सोनी ने प्रदेश में फायर स्टेशनों की कमी का मुद्दा उठाया। प्रश्नकाल में उन्होंने पूछा कि जून 2026 तक प्रदेश के कितने जिलों में अब भी फायर स्टेशन नहीं हैं और इस दिशा में सरकार क्या कदम उठा रही है।
जवाब में उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा ने बताया कि प्रदेश के 6 जिलों में अभी भी फायर स्टेशन नहीं हैं। उन्होंने कहा कि अग्निशमन सेवाओं के आधुनिकीकरण के लिए 1 अरब 56 करोड़ 71 लाख 29 हजार रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। अप्रैल से जून 2026 की अवधि के लिए यह राशि उपलब्ध कराई गई है और विभाग आधुनिकीकरण की दिशा में काम कर रहा है।
मंत्री के जवाब पर विधायक सुनील सोनी ने राष्ट्रीय फायर एडवाइजरी के मानकों का हवाला देते हुए पूछा कि क्या केवल तीन फायर स्टेशनों के भरोसे व्यवस्था सुचारु रूप से चल सकती है। इस पर विजय शर्मा ने कहा कि अग्निशमन विभाग को अलग किया गया था और वर्ष 2018 में इसके नियम बनाए गए थे। उन्होंने यह भी कहा कि पिछली सरकार के कार्यकाल में विभाग में एक भी भर्ती नहीं की गई। साथ ही, उरला में नया फायर स्टेशन निर्माणाधीन है।
सुनील सोनी ने आगे पूछा कि नई फायर ब्रिगेड गाडिय़ां कब तक खरीदी जाएंगी। इस पर मंत्री ने बताया कि फिलहाल 22 वाहनों के माध्यम से व्यवस्था संचालित की जा रही है। अप्रैल और मई में राजस्व विभाग से राशि प्राप्त हुई है तथा फायर वाहनों के आधुनिकीकरण और अन्य व्यवस्थाओं पर कार्य जारी है।
विधायक सुनील सोनी ने कहा कि फायर टावर और आधुनिक मानकों के अनुरूप संसाधनों की खरीद होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि कई सब-स्टेशन खंडहर में तब्दील हो रहे हैं और सरकार को इस दिशा में गंभीरता से कार्रवाई करनी चाहिए।
इस पर गृह मंत्री विजय शर्मा ने स्वीकार किया कि विभाग में मैनपावर की कमी है। उन्होंने कहा कि इस समस्या के समाधान के लिए जिला प्रशासन के साथ समन्वय कर आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। विधानसभा में इस मुद्दे पर अग्निशमन सेवाओं की स्थिति, संसाधनों और मानवबल की कमी को लेकर विस्तृत चर्चा हुई।



