छत्तीसगढ़ विधानसभा मानसून सत्र : मत्स्यपालन नीति पर सदन में गूंजा मुद्दा, जांच की मांग

छत्तीसगढ़ विधानसभा मानसून सत्र : मत्स्यपालन नीति पर सदन में गूंजा मुद्दा, जांच की मांग
प्रश्नकाल के दौरान मत्स्यपालन नीति और पट्टा आवंटन का मुद्दा प्रमुखता से उठा। विधायक कुंवर सिंह निषाद ने जांजगीर-चांपा जिले में मछली पालन के लिए पट्टा आवंटन में कथित अनियमितताओं का मामला सदन में उठाते हुए सरकार से जवाब मांगा। विधायक कुंवर सिंह निषाद ने सरकार के जवाब पर असंतोष जताते हुए सदन की समिति से पूरे मामले की जांच कराने की मांग की। मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि मामले की जांच कराई जाएगी।
बता दें कि छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र का आज चौथा दिन है। विधायक कुंवर सिंह निषाद ने मत्स्यपालन नीति का मुद्दा उठाते हुए जांजगीर-चांपा में मछली पालन की नीति पर सवाल किया। विधायक निषाद ने मछली पालन हेतु पट्टा आवंटन में अनियमितता के संबंध में भी जवाब मांगा। इस पर मंत्री राम विचार नेताम ने जवाब में कहा कि वर्तमान में नवीन मछली पालन नीति 2022 प्रभावशाली है। राज्य शासन अधिनियम के तहत पंजीकृत मछुआ ही पट्टा के लिए पात्र होंगे। अनियमितता को लेकर शिकायत निराधार पाई गई है। इस पर मत्स्यपालन मंत्री रामविचार नेताम ने बताया कि वर्तमान में राज्य में नई मत्स्यपालन नीति-2022 प्रभावी है। उन्होंने कहा कि राज्य शासन के अधिनियम के तहत पंजीकृत मछुआरे ही मत्स्य पालन पट्टे के लिए पात्र हैं। मंत्री ने स्पष्ट किया कि पट्टा आवंटन में अनियमितता संबंधी शिकायतों की जांच में आरोप निराधार पाए गए हैं।
हालांकि, विधायक कुंवर सिंह निषाद ने सरकार के जवाब पर असंतोष जताते हुए सदन की समिति से पूरे मामले की जांच कराने की मांग की। उन्होंने जांच समिति में स्वयं को भी शामिल करने का आग्रह किया। इस पर मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि मामले की जांच कराई जाएगी और यदि किसी स्तर पर गड़बड़ी पाई जाती है तो उचित कार्रवाई की जाएगी। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि जल्द ही नई मत्स्यपालन नीति लाई जाएगी।
इस दौरान विधायक अजय चंद्राकर ने मंत्री से आग्रह किया कि मत्स्य पालन से जुड़े कार्यों में प्राथमिकता छत्तीसगढ़ के लोगों को दी जाए। इस पर मंत्री रामविचार नेताम ने भरोसा दिलाया कि नई नीति बनाते समय सभी पहलुओं का ध्यान रखा जाएगा और स्थानीय हितों को प्राथमिकता दी जाएगी।
विधानसभा में उर्वरक आवंटन का मुद्दा गूंजा, कांग्रेस विधायक ने उठाए सवाल
प्रश्नकाल के दौरान प्रदेश में उर्वरक आवंटन का मुद्दा जोरदार ढंग से उठा। कांग्रेस विधायक दलेश्वर साहू ने कुछ स्थानों पर निर्धारित लक्ष्य से अधिक खाद आवंटित किए जाने का आरोप लगाते हुए सरकार से जवाब मांगा।
इस पर कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने सदन को बताया कि प्रदेश में कुल 14 लाख 6 हजार 555 मीट्रिक टन उर्वरक का आवंटन किया गया है। उन्होंने जानकारी दी कि इसमें 64 प्रतिशत उर्वरक सहकारिता क्षेत्र के माध्यम से तथा 36 प्रतिशत निजी क्षेत्र के जरिए किसानों को उपलब्ध कराया गया। मंत्री के जवाब पर विधायक दलेश्वर साहू ने कुछ क्षेत्रों में लक्ष्य से अधिक खाद वितरण पर सवाल उठाते हुए पूरे मामले की जांच कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि आवंटन में कहीं अनियमितता हुई है तो उसकी निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। इस मुद्दे पर सदन में सरकार और विपक्ष के बीच चर्चा हुई, जिसमें उर्वरक वितरण व्यवस्था की पारदर्शिता और किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया। आदिवासी क्षेत्रों में अधिक मैदानी क्षेत्रों में कम खाद देने की बात पर कृषिमंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि भारत सरकार प्लान के तहत आवंटन करती है। हम किसानों को जरूरत के मुताबिक खाद उपलब्ध कराते हैं। लक्ष्य से कई गुणा अधिक खाद देने की विधायक दलेश्वर साहू ने जांच की मांग की।



