रायपुर में श्रद्धा और भक्ति के साथ निकली भव्य रथयात्रा, राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने की पूजा-अर्चना

रायपुर में श्रद्धा और भक्ति के साथ निकली भव्य रथयात्रा, राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने की पूजा-अर्चना
रायपुर। राजधानी रायपुर में श्री जगन्नाथ रथयात्रा महोत्सव-2026 पूरे धार्मिक उत्साह, श्रद्धा और भक्ति के वातावरण में मनाया गया। भगवान जगन्नाथ, उनके बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा की भव्य रथयात्रा में हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लेकर महाप्रभु के दर्शन किए और रथ की रस्सी खींचने का सौभाग्य प्राप्त किया।
सुबह से ही जगन्नाथ मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। पारंपरिक वैदिक मंत्रोच्चार, पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठानों के बीच महाप्रभु का विशेष श्रृंगार किया गया। इसके बाद भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा को सुसज्जित रथों पर विराजमान कर भव्य शोभायात्रा निकाली गई। रथयात्रा के दौरान पूरे परिसर में जय जगन्नाथ के जयघोष गूंजते रहे और भक्तों में विशेष उत्साह देखने को मिला।
इस पावन अवसर पर राज्यपाल रमेन डेका और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय भी जगन्नाथ मंदिर पहुंचे। दोनों ने विधि-विधान के साथ भगवान जगन्नाथ की पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। राज्यपाल के आगमन से मंदिर परिसर में धार्मिक उल्लास और भक्तिमय वातावरण और अधिक बढ़ गया।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि महाप्रभु श्री जगन्नाथ स्वामी जी की पावन रथयात्रा हम सभी के लिए आस्था, सेवा, समरसता और सनातन संस्कृति का महापर्व है। इस शुभ अवसर पर मैं भगवान श्री जगन्नाथ, भगवान बलभद्र एवं देवी सुभद्रा से प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि और खुशहाली की प्रार्थना करता हूँ। महाप्रभु की कृपा से हमारा छत्तीसगढ़ निरंतर विकास, शांति और समृद्धि के पथ पर अग्रसर रहे। जय जगन्नाथ।
रथयात्रा मार्ग पर विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों ने श्रद्धालुओं का स्वागत किया। कई स्थानों पर पुष्पवर्षा की गई और भजन-कीर्तन के साथ महाप्रभु का स्वागत किया गया। महिलाओं, युवाओं और बच्चों सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस धार्मिक आयोजन में शामिल हुए।
रायपुर की जगन्नाथ रथयात्रा हर वर्ष की तरह इस बार भी आस्था, संस्कृति और सामाजिक समरसता का संदेश देती नजर आई। श्रद्धालुओं का मानना है कि महाप्रभु के रथ के दर्शन और रस्सी खींचने से जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त होता है। पूरे आयोजन के दौरान राजधानी भक्तिमय माहौल में सराबोर रही।



