देश सेवा में समर्पित आईटीबीपी जवान खिलेश कुमार ध्रुव को राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई
देश सेवा में समर्पित आईटीबीपी जवान खिलेश कुमार ध्रुव को राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई
गार्ड ऑफ ऑनर देकर दी गई अंतिम सलामी, नम आंखों से हजारों लोगों ने दी श्रद्धांजलि
धमतरी- जिले के ग्राम शंकरदहा ने मंगलवार को अपने वीर सपूत एवं भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के जवान खिलेश कुमार ध्रुव को अश्रुपूरित आंखों से अंतिम विदाई दी। ड्यूटी के दौरान असामयिक निधन के बाद उनका पार्थिव शरीर गृहग्राम पहुंचा, जहां अंतिम दर्शन के लिए हजारों लोगों का जनसैलाब उमड़ पड़ा। पूरे राजकीय सम्मान एवं गार्ड ऑफ ऑनर के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया।
32 वर्षीय खिलेश कुमार ध्रुव वर्ष 2013-14 से आईटीबीपी में पदस्थ थे। वे हाल ही में छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित नारायणपुर क्षेत्र में अपनी ड्यूटी पूरी कर गुवाहाटी (असम) लौट रहे थे। इसी दौरान उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। उपचार के दौरान रविवार को उनका निधन हो गया। उनके निधन की खबर मिलते ही धमतरी जिले सहित पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।
मंगलवार को जैसे ही पार्थिव शरीर शंकरदहा पहुंचा, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण, जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, पुलिस अधिकारी, सामाजिक संगठन एवं विभिन्न वर्गों के लोग पहुंचे। अंतिम यात्रा के दौरान पूरा गांव “भारत माता की जय”, “वीर जवान अमर रहे” और “जब तक सूरज चांद रहेगा, खिलेश तेरा नाम रहेगा” जैसे नारों से गूंज उठा।
अंतिम संस्कार से पूर्व आईटीबीपी एवं पुलिस के जवानों ने पूरे सैन्य सम्मान के साथ गार्ड ऑफ ऑनर देकर अपने साथी को अंतिम सलामी दी। इसके बाद राजकीय सम्मान एवं धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। इस भावुक पल में मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम थीं।
परिजनों ने बताया कि खिलेश कुमार ध्रुव अपने सरल, मिलनसार और कर्तव्यनिष्ठ स्वभाव के कारण सभी के प्रिय थे। उन्होंने राष्ट्र सेवा को अपना सर्वोच्च धर्म मानते हुए पूरी निष्ठा और ईमानदारी से अपने दायित्वों का निर्वहन किया। उनके असामयिक निधन से परिवार को अपूरणीय क्षति पहुंची है, वहीं पूरे जिले ने एक साहसी, अनुशासित और राष्ट्रभक्त जवान को खो दिया है।
इस अवसर पर शिव चरण नेताम (चाचा) ने कहा कि परिवार को अपने बेटे पर गर्व है, जिसने देश की सेवा करते हुए अपना जीवन समर्पित किया। वहीं ग्रामीण अमृत लाल ध्रुव ने कहा कि खिलेश कुमार ध्रुव गांव के होनहार, मिलनसार और अनुशासित युवा थे। उनका निधन पूरे क्षेत्र के लिए अपूरणीय क्षति है और गांव हमेशा उन्हें गर्व और सम्मान के साथ याद रखेगा।
वीर जवान को अंतिम विदाई देने उमड़ा जनसैलाब इस बात का प्रमाण था कि देश की रक्षा में समर्पित सैनिक केवल अपने परिवार का नहीं, बल्कि पूरे समाज और राष्ट्र का गौरव होते हैं। खिलेश कुमार ध्रुव की शहादत और कर्तव्यनिष्ठा को धमतरी जिला हमेशा सम्मान और गर्व के साथ याद रखेगा।



