छत्तीसगढ़

रथ वापसी से पूर्व विजय मोटवानी की सक्रियता से सुगम हुई यातायात व्यवस्था, श्रद्धालुओं को मिली बड़ी राहत

रथ वापसी से पूर्व विजय मोटवानी की सक्रियता से सुगम हुई यातायात व्यवस्था, श्रद्धालुओं को मिली बड़ी राहत

धमतरी। भगवान जगन्नाथ, बहन सुभद्रा और भाई बलभद्र की ऐतिहासिक रथयात्रा की वापसी सोमवार को पूरे धार्मिक उल्लास और श्रद्धा के साथ संपन्न होगी। रथयात्रा के सुचारु संचालन और श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए नगर निगम के लोक निर्माण विभाग अध्यक्ष विजय मोटवानी की सक्रियता और सजगता से निर्माणाधीन बालक चौक नाली पुल का कार्य समय रहते पूरा कर मार्ग को आवागमन के लिए खोल दिया गया। इससे रथयात्रा के दौरान किसी प्रकार की यातायात बाधा उत्पन्न नहीं हुई और श्रद्धालुओं को बड़ी राहत मिली।रथयात्रा धमतरी की प्राचीन धार्मिक परंपराओं में विशेष स्थान रखती है। हर वर्ष हजारों श्रद्धालु भगवान जगन्नाथ के दर्शन के लिए इस यात्रा में शामिल होते हैं। ऐसे में बालक चौक क्षेत्र में चल रहे नाली निर्माण कार्य के कारण मार्ग बाधित होने की संभावना थी। इसे देखते हुए महापौर रामू रोहरा के निर्देश पर लोक निर्माण विभाग अध्यक्ष विजय मोटवानी ने अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ लगातार मॉनिटरिंग कर निर्माण कार्य को प्राथमिकता से पूरा कराया। दोपहर तक मार्ग को पूरी तरह व्यवस्थित कर आवागमन के लिए खोल दिया गया, जिससे रथयात्रा बिना किसी व्यवधान के अपने निर्धारित मार्ग से आगे बढ़ सकी।गौरतलब है कि आमापारा वार्ड में वर्षों से जलभराव की गंभीर समस्या बनी हुई थी। बारिश के मौसम में लोगों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। नगर निगम द्वारा इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए व्यापक नाली निर्माण कार्य कराया जा रहा है। इस परियोजना के पूरा होने से क्षेत्र में जलभराव की समस्या काफी हद तक समाप्त हो गई है। साथ ही मकई तालाब तक पानी की बेहतर निकासी और जल संरक्षण की दिशा में भी सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं।

मौके पर स्वास्थ्य विभाग सभापति नीलेश लुनिया सहित नगर निगम के जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी भी उपस्थित रहे। उन्होंने निर्माण कार्य का निरीक्षण कर आवश्यक व्यवस्थाओं का जायजा लिया और रथयात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए आवश्यक निर्देश दिए।

इस अवसर पर लोक निर्माण विभाग अध्यक्ष विजय मोटवानी ने कहा कि धमतरी की प्राचीन सनातन परंपराएं और धार्मिक उत्सव हमारी सांस्कृतिक पहचान हैं। भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि शहर की आस्था, एकता और गौरव का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि ऐसे ऐतिहासिक आयोजनों की गरिमा बनाए रखना और श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।

उन्होंने कहा कि शहर की गौरवशाली धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करते हुए आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना हमारा नैतिक दायित्व है। नगर निगम भविष्य में भी धार्मिक आयोजनों और जनसुविधाओं से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता के साथ पूरा करता रहेगा, ताकि धमतरी अपनी विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान के साथ प्रदेश और देश में अलग स्थान बनाए रखे।

Author Desk

Related Articles

Back to top button