छत्तीसगढ़

सीएमएचओ ने किया पीएचसी सिहावा का औचक निरीक्षण, जलजनित बीमारियों की रोकथाम और मलेरिया नियंत्रण पर दिए सख्त निर्देश

सीएमएचओ ने किया पीएचसी सिहावा का औचक निरीक्षण, जलजनित बीमारियों की रोकथाम और मलेरिया नियंत्रण पर दिए सख्त निर्देश

 

धमतरी। जिले में लगातार हो रही बारिश और मौसमी बीमारियों की आशंका को देखते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. यू. एल. कौशिक ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) सिहावा का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अस्पताल की व्यवस्थाओं का जायजा लिया और मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

 

निरीक्षण के दौरान सीएमएचओ ने पीएचसी भवन के विभिन्न हिस्सों का बारीकी से अवलोकन किया। इस दौरान स्टोर रूम में पानी का अधिक रिसाव पाया गया, जिस पर उन्होंने तत्काल आवश्यक सुधारात्मक कार्यवाही कराने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। उन्होंने कहा कि अस्पताल भवन का रखरखाव बेहतर होना चाहिए ताकि दवाइयों एवं अन्य आवश्यक सामग्रियों को किसी प्रकार का नुकसान न पहुंचे।

 

सीएमएचओ ने अस्पताल में उपलब्ध दवाइयों एवं चिकित्सा सामग्री का भी निरीक्षण किया। उन्होंने पाया कि मौसमी बीमारियों के उपचार के लिए आवश्यक दवाइयां पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। इसके अलावा सर्पदंश की घटनाओं को ध्यान में रखते हुए अस्पताल में एंटी स्नेक वेनम (एएसवी) की उपलब्धता भी सुनिश्चित पाई गई, जिस पर उन्होंने संतोष व्यक्त किया।

 

निरीक्षण के दौरान डॉ. कौशिक ने सभी अधिकारी एवं कर्मचारियों को अपने मुख्यालय में रहकर नियमित रूप से सेवाएं देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बारिश के मौसम में स्वास्थ्य सेवाओं में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और आम नागरिकों को समय पर उपचार उपलब्ध कराना सभी की जिम्मेदारी है।

 

उन्होंने विशेष रूप से जलजनित एवं मौसमी बीमारियों की रोकथाम और नियंत्रण पर प्रभावी कार्य करने के निर्देश दिए। साथ ही मलेरिया धनात्मक मरीजों का समयबद्ध एवं पूर्ण उपचार सुनिश्चित करने, फील्ड स्टाफ द्वारा नियमित रूप से मरीजों का फॉलोअप करने तथा प्रभावित क्षेत्रों में लगातार सर्वे, जनजागरूकता एवं अन्य क्षेत्रीय गतिविधियां संचालित करने पर जोर दिया।

 

सीएमएचओ ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग का उद्देश्य प्रत्येक व्यक्ति तक समय पर उपचार और आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाना है। इसके लिए सभी स्वास्थ्य अधिकारी एवं कर्मचारी पूरी जिम्मेदारी और सक्रियता के साथ कार्य करें, ताकि जिले में जलजनित एवं वेक्टर जनित बीमारियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सके।

Author Desk

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