भीड़तंत्र की ताकत क्षणिक, लोकतंत्र की शक्ति सनातन – पं. राजेश शर्मा
कुर्रा में भाजपा रांवा मंडल की विचार कार्यशाला आयोजित, ‘लोकतंत्र बचाओ, भीड़तंत्र हटाओ’ के नारे के साथ लोकतांत्रिक मूल्यों पर हुआ मंथन

भीड़तंत्र की ताकत क्षणिक, लोकतंत्र की शक्ति सनातन – पं. राजेश शर्मा
कुर्रा में भाजपा रांवा मंडल की विचार कार्यशाला आयोजित, ‘लोकतंत्र बचाओ, भीड़तंत्र हटाओ’ के नारे के साथ लोकतांत्रिक मूल्यों पर हुआ मंथन
धमतरी। लोकतंत्र केवल भीड़ जुटाने का नाम नहीं, बल्कि संविधान, जनमत, मर्यादा और नागरिकों के अधिकारों का सम्मान करने वाली व्यवस्था है। भीड़ का प्रभाव कुछ समय के लिए हो सकता है, लेकिन लोकतंत्र की वास्तविक ताकत जनता के विश्वास और संवैधानिक मूल्यों में निहित है। यह बात भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य पं. राजेश शर्मा ने कुर्रा गांव में भाजपा रांवा मंडल द्वारा आयोजित कार्यशाला में कही।

‘लोकतंत्र बचाओ, भीड़तंत्र हटाओ’ विषय पर आयोजित इस कार्यशाला में देश की वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों, लोकतांत्रिक व्यवस्था की चुनौतियों तथा राजनीतिक कार्यकर्ताओं की भूमिका पर विस्तार से चर्चा की गई। कार्यशाला में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल पं. राजेश शर्मा ने लोकतंत्र की मजबूती और संवैधानिक मूल्यों के संरक्षण को समय की आवश्यकता बताया।
भीड़तंत्र और लोकतंत्र के बीच अंतर समझना जरूरी : पं. राजेश
पं. राजेश शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि भाजपा राजनीति में युवाओं की भागीदारी बढ़ाने की दिशा में काम कर रही है। वहीं, उन्होंने वामपंथी विचारधारा पर भीड़ एकत्रित कर अराजकता फैलाने और उसे लोकतंत्र का नाम देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि आज के समय में यह समझना जरूरी है कि भीड़ का दबाव और लोकतांत्रिक जनादेश दो अलग-अलग बातें हैं। लोकतंत्र में अधिकारों के साथ कर्तव्यों का पालन और संवैधानिक मर्यादाओं का सम्मान भी अनिवार्य है।
उन्होंने कहा, “भीड़तंत्र की ताकत क्षणभंगुर है, जबकि लोकतंत्र सनातन है। श्रीलंका और बांग्लादेश में सामने आए घटनाक्रमों से यह समझने की जरूरत है कि राजनीतिक और सामाजिक उथल-पुथल के बीच लोकतांत्रिक संस्थाओं का महत्व कितना बड़ा है। भारत में लोकतंत्र की परंपरा को मजबूत बनाए रखना और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा करना हम सभी की जिम्मेदारी है।”
उन्होंने कार्यकर्ताओं से लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं के प्रति जागरूक रहने, युवाओं को सकारात्मक राजनीतिक भागीदारी के लिए प्रेरित करने तथा समाज में संवैधानिक मूल्यों के प्रति विश्वास मजबूत करने का आह्वान किया।
आपातकाल का दौर याद कर कांग्रेस पर साधा निशाना

कार्यशाला के संयोजक एवं वरिष्ठ नेता कवींद्र जैन ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि आपातकाल के दौरान देश ने लोकतांत्रिक अधिकारों पर प्रतिबंधों का दौर देखा था और संविधान में भी महत्वपूर्ण संशोधन किए गए थे। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की दुहाई देने वाले राजनीतिक दलों को आपातकाल के इतिहास और उस दौरान नागरिक स्वतंत्रताओं पर पड़े प्रभाव पर भी आत्ममंथन करना चाहिए।
कवींद्र जैन ने कहा कि लोकतंत्र की रक्षा केवल नारों से नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक संस्थाओं, नागरिक अधिकारों और संवैधानिक मर्यादाओं के प्रति प्रतिबद्धता से होती है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से लोकतांत्रिक व्यवस्था के प्रति जागरूकता बढ़ाने की अपील की।
भाजपा कार्यकर्ताओं की रही सहभागिता
कार्यशाला में मंडल स्तर के पदाधिकारियों एवं वरिष्ठ कार्यकर्ताओं ने लोकतंत्र की मजबूती, राजनीतिक जिम्मेदारियों और जनभागीदारी जैसे विषयों पर विचार रखे। कार्यक्रम का उद्देश्य कार्यकर्ताओं को वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य से अवगत कराते हुए लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति जागरूक करना रहा।
इस अवसर पर वरिष्ठ नेता कवींद्र जैन, भाजपा रांवा मंडल अध्यक्ष अमन राव, पूर्व मंडल अध्यक्ष मुरारी यादव, पूर्व जिला पंचायत सदस्य बालाराम साहू, दमयंती साहू, खूबलाल ध्रुव, केशव साहू, चिरौंजी साहू सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।



