डेढ़ माह से गंदे पानी की सप्लाई, आक्रोशित वार्डवासियों ने निगम कार्यालय का किया घेराव
निगम आयुक्त अरुण वर्मा को घेरकर मांगा जवाब, कांग्रेस पार्षद सुमन मेश्राम एवं विशु देवांगन के नेतृत्व में जोरदार प्रदर्शन, दूषित पानी से बीमारियों का खतरा बढ़ने पर जताई नाराजगी

डेढ़ माह से गंदे पानी की सप्लाई, आक्रोशित वार्डवासियों ने निगम कार्यालय का किया घेराव
निगम आयुक्त अरुण वर्मा को घेरकर मांगा जवाब, कांग्रेस पार्षद सुमन मेश्राम एवं विशु देवांगन के नेतृत्व में जोरदार प्रदर्शन, दूषित पानी से बीमारियों का खतरा बढ़ने पर जताई नाराजगी
धमतरी। शहर के सोरिद, जोधापुर एवं डाकबंगला वार्ड में पिछले डेढ़ माह से जारी दूषित पेयजल की समस्या को लेकर आखिरकार वार्डवासियों का गुस्सा सड़क पर फूट पड़ा। स्वच्छ पानी के लिए लगातार गुहार लगाने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं होने से नाराज बड़ी संख्या में वार्डवासी सोमवार को नगर निगम कार्यालय पहुंच गए। कांग्रेस पार्षद सुमन मेश्राम एवं विशु देवांगन के नेतृत्व में पहुंचे नागरिकों ने निगम कार्यालय का घेराव कर जमकर विरोध प्रदर्शन किया और निगम प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी नाराजगी जाहिर की।
प्रदर्शन के दौरान स्थिति उस समय और गरमा गई, जब आक्रोशित वार्डवासियों ने निगम आयुक्त अरुण वर्मा को घेर लिया और डेढ़ माह से घरों में पहुंच रहे गंदे पानी को लेकर सीधे जवाब मांगा। लोगों ने सवाल उठाया कि जब लगातार शिकायतें की जा रही हैं, तो आखिर निगम प्रशासन अब तक समस्या का स्थायी समाधान क्यों नहीं कर पाया? क्या नागरिकों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना निगम की प्राथमिक जिम्मेदारी नहीं है?
वार्डवासियों ने बताया कि तीनों वार्डों में नलों से लगातार गंदा एवं दूषित पानी आ रहा है। मजबूरी में लोग पेयजल की समस्या से जूझ रहे हैं। उनका आरोप है कि दूषित पानी के उपयोग से खुजली सहित अन्य स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां सामने आ रही हैं। ऐसे में बच्चों, बुजुर्गों एवं आम नागरिकों के स्वास्थ्य को लेकर लोगों में चिंता बढ़ गई है। लोगों ने आशंका जताई कि यदि समय रहते इस समस्या पर गंभीरता से ध्यान नहीं दिया गया, तो जलजनित बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है।

प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे कांग्रेस पार्षद सुमन मेश्राम एवं विशु देवांगन ने कहा कि शहर की जनता को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना नगर निगम की बुनियादी जिम्मेदारी है। इसके बावजूद सोरिद, जोधापुर एवं डाकबंगला वार्ड के नागरिक पिछले डेढ़ माह से दूषित पानी पीने को मजबूर हैं। बार-बार शिकायतों के बाद भी समस्या का निराकरण नहीं होना निगम प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है। उन्होंने कहा कि पेयजल जैसी मूलभूत सुविधा के लिए जनता को आंदोलन करने की नौबत आना दुर्भाग्यपूर्ण है।
वार्डवासियों ने निगम प्रशासन से मांग की कि प्रभावित वार्डों में गंदे पानी की सप्लाई तत्काल रोककर स्वच्छ पेयजल की वैकल्पिक व्यवस्था की जाए। साथ ही पाइपलाइनों एवं पानी की टंकियों की व्यापक जांच कराई जाए, पानी के नमूनों की गुणवत्ता परीक्षण कराया जाए तथा दूषित पानी सप्लाई होने के वास्तविक कारणों का पता लगाकर स्थायी समाधान किया जाए।
इस विरोध प्रदर्शन में नेता प्रतिपक्ष दीपक सोनकर, पार्षद योगेश लाल, सूरज गहरवाल, गजानंद रजक एवं सोमेश मेश्राम सहित बड़ी संख्या में वार्डवासी शामिल रहे। प्रदर्शनकारियों ने दो टूक कहा कि अब केवल आश्वासन से काम नहीं चलेगा, बल्कि वार्डों में स्वच्छ पेयजल की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए जमीन पर ठोस कार्रवाई करनी होगी।
डेढ़ माह से चली आ रही इस समस्या ने नगर निगम की पेयजल व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि निगम प्रशासन वार्डवासियों की इस जायज मांग पर कितनी जल्दी कार्रवाई करता है और लोगों को दूषित पानी की समस्या से कब तक राहत मिलती है।



