
रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश महामंत्री केदार कश्यप ने खेल दिवस पर 29 अगस्त को खेल अलंकरण समारोह पिछले चार वर्षों से बंद कर खिलाड़ियों को कांग्रेस कार्यालय बुलाकर खेल प्रतिभा सम्मान का आयोजन कराकर खिलाड़ियों को गुमराह कर गुलामी का प्रमाण पत्र बाँटने का आरोप लगाया है। कश्यप ने सवाल किया कि क्या कांग्रेस कार्यालय का बाँटा हुआ प्रमाण पत्र खिलाड़ियों को भविष्य में उपयोग में आयेगा? कश्यप ने कहा कि भाजपा शासनकाल में प्रदेश के होनहार खिलाड़ियों को प्रदान करने के लिए राज्य सरकार द्वारा प्रतिवर्ष खेल अलंकरण समारोह रखा जाता था जिसमें खिलाड़ियों को प्रदान किए जाने वाला प्रमाण पत्र और प्रोतसाहन राशि खिलाड़ियों के भविष्य के लिए बहुत महत्त्वपूर्ण होती थी।
केदार कश्यप ने कहा कि प्रदेश सरकार खिलाड़ियों तथा शहीदों के नाम को अपमानित करने का कार्य कर रही हैं। आज पूरे प्रदेश के खिलाड़ी सड़क पर उतरकर प्रदेश सरकार के खिलाड़ी विरोधी नीति का विरोध कर रहे हैं। प्रदेश सरकार खेल के क्षेत्र में अब प्रदेश का नाम रोशन करने वाले खिलाड़ियों को भी अपमानित करने से बाज नहीं आ रही है। कश्यप ने अफसोस जताते हुए कहा कि भूपेश सरकार की खिलाड़ी विरोधी नीति के कारण और खेल अलंकरण समारोह में उत्कृष्ट खिलाड़ी की घोषणा नहीं होने के कारण प्रदेश के अनेक होनहार खिलाड़ी आज रायपुर रेलवे स्टेशन पर चना-मूंगफल्ली बेचने को मजबूर हो गए हैं। प्रदेश के समस्त खिलाड़ी कांग्रेस सरकार की ओछी राजनीति को समझ चुके हैं और अब अपने हक की लड़ाई लड़ने सड़क पर उतर चुके हैं। कश्यप ने कहा कि छत्तीसगढ राज्य में पिछले 4 वर्षों से भूपेश सरकार की खेल विरोधी नीति से आज प्रदेश के खिलाड़ियों में सरकार के खिलाफ़ आक्रोश है।



