छत्तीसगढ़

नव ज्योति विद्या मंदिर मे मकर संक्रांति पर मंदिर में पूजा अर्चना कर दान किया

धमतरी – नव ज्योति विद्या मंदिर सांकरा में मकर संक्रांति के पावन अवसर पर माँ दन्तेश्वरी मंदिर में पूजा अर्चना कर विद्यालय के भैय्या बहनों एवं शिक्षकों के द्वारा चावल, दाल का दान किया गया। इस अवसर पर संचालक मुकेश राव नन्नावरे ने जानकारी दिया कि इस दिन सूर्य उत्तरी गोलार्ध में और मकर राशि में प्रवेश करता है। हिंदुओं के अनुसार, वे पूरे भारत में इस महत्वपूर्ण फसल उत्सव को मनाते हैं, लेकिन नाम, रीति-रिवाज और उत्सव अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग होते हैं। मकर संक्रांति को हरियाणा और पंजाब में माघी, तमिलनाडु में पोंगल, पूर्वी उत्तर प्रदेश में खिचड़ी और गुजरात और राजस्थान में उत्तरायण के रूप में मनाया जाता है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन सूर्य देव अपने पुत्र शनिदेव से मिलने उनके घर जाते हैं। चूँकि शनि देव मकर राशि के स्वामी हैं इसलिए इस दिन को मकर संक्रांति के नाम से जाना जाता है, जिसे खिचड़ी भी कहा जाता है।
मकर संक्रांति के दिन मां गंगा, भगवान सूर्य और शनिदेव की पूजा करने का विधान है। ऐसा माना जाता है कि गंगा नदी में डुबकी लगाने से व्यक्ति सभी पापों से मुक्त हो जाता है। साथ ही, स्नान, ध्यान, पूजा, जप और दान जैसे अनुष्ठान करने से भगवान सूर्य और शनि देव प्रसन्न होते हैं। इसके अलावा, मकर संक्रांति पर दान करना विशेष रूप से शुभ माना जाता है, क्योंकि ऐसा कहा जाता है कि इससे शनि देव की विशेष कृपा प्राप्त होती है। इस अवसर पर प्रधानाचार्य एवन कुमार निर्मलकर शिक्षकगण ललिता साहू,पार्वती साहू, दिनेश्वरी पटेल, रीना साहू, खिलेश्वरी साहू, दामिनी साहू, एकता साहू, भगवती चतुर, सानू नाग,शशिकला पटेल, खेमेश्वरी, गोदावरी, और मां दन्तेश्वरी मंदिर के पुजारी यतीन पटेल,वरुण पटेल उपस्थित थे।

Author Desk

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