छत्तीसगढ़

झोलाछाप डॉक्टर के क्लिनिक में 4 माह की गर्भवती की मौत: इंजेक्शन के बाद बिगड़ी तबीयत

बिना पोस्टमॉर्टम अंतिम संस्कार

बलौदाबाजार। झोलाछाप डॉक्टर के क्लिनिक में सर्दी-खांसी का इलाज कराने गई 4 माह की गर्भवती महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। बताया जा रहा है कि महिला की तबीयत इंजेक्शन लगने के बाद अचानक बिगड़ गई। उल्टियां हुईं, नाक से झाग और खून निकला और वह बेहोश हो गई। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचने से पहले ही उसकी मौत हो चुकी थी। घटना पलारी थाना क्षेत्र के छेरकाडीह जारा गांव की है। हैरानी की बात यह है कि परिजनों ने बिना पोस्टमॉर्टम कराए ही शव का अंतिम संस्कार कर दिया और पुलिस में कोई शिकायत भी दर्ज नहीं कराई।

परिजनों और प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, डॉक्टर ने बीपी चेक करने के बाद इंजेक्शन लगाया। इसके कुछ देर बाद महिला को उल्टियां होने लगीं और वह बेहोश होकर गिर पड़ी। पानी पिलाने पर थोड़ी देर के लिए होश आया, लेकिन फिर हालत बिगड़ गई। उसे तुरंत पलारी के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। अस्पताल सूत्रों के अनुसार महिला के नाक से झाग और खून निकला था।

मृतका इंदु साहू की शादी 2022 में अजय साहू से हुई थी। उनका ढाई साल का एक बेटा है। वह दूसरी बार 4 महीने की गर्भवती थीं। गुरुवार को सर्दी-खांसी और सीने में दर्द की शिकायत पर वह गांव के ही कथित डॉक्टर जयंत साहू के क्लिनिक पहुंचीं, जो छेरकाडीह जारा का सरपंच भी है। जयंत साहू ने स्वीकार किया है कि उसके पास कोई मेडिकल डिग्री नहीं है, फिर भी वह पिछले 17 वर्षों से इलाज कर रहा है। बीएमओ डॉ. पंकज वर्मा के अनुसार, दोपहर करीब 2 बजे महिला को अस्पताल लाया गया था, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। परिजन करीब चार घंटे तक अस्पताल में रहे। शाम 6 बजे उन्होंने पोस्टमॉर्टम न कराने का लिखित आवेदन दिया, जिसके बाद शव सौंप दिया गया। उसी दिन अंतिम संस्कार भी कर दिया गया। इस मामले में अब तक न तो थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है और न ही किसी प्रकार की प्रशासनिक कार्रवाई हुई है।

Author Desk

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