छत्तीसगढ़

स्वीडन से मेडल जीत का लौटने पर सत्यांशु का धमतरी में स्वागत 

स्पेशल ओलंपिक में भारतीय टीम में शामिल थे खिलाड़ी सत्यांशु

स्वीडन से मेडल जीत का लौटने पर सत्यांशु का धमतरी में स्वागत

स्पेशल ओलंपिक में भारतीय टीम में शामिल थे खिलाड़ी सत्यांशु

 

धमतरी। स्वीडन में भारत का प्रतिनिधित्व कर कांस्य पदक जीतने वाले विशेष खिलाड़ी सत्यांशु दीप का धमतरी लौटने पर सार्थक स्कूल परिवार, प्रशंसकों और शहरवासियों ने गर्मजोशी से स्वागत किया। जगह-जगह फूल-मालाओं से उनका अभिनंदन किया गया। सार्थक स्कूल में उनके सम्मान में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया।कार्यक्रम के दौरान सत्यांशु दीप की आरती उतारी गई, केक काटकर उनकी उपलब्धि का जश्न मनाया गया और सभी ने उनका मुंह मीठा कराया।सबसे खास पल तब रहा,जब उनके नाम में जुड़े “दीप” को प्रतीकात्मक रूप देते हुए दीप प्रज्वलित कर उनकी सफलता का उत्सव मनाया गया.इस अवसर पर स्कूल के दिव्यांग एवं विशेष बच्चों ने रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और नृत्य कर माहौल को उत्साह से भर दिया।

सत्यांशु दीप ने अपनी मेहनत और लगन से भारतीय स्पेशल ओलंपिक्स फुटबॉल टीम में स्थान बनाया।उन्होंने 12 से 18 जुलाई 2026 तक स्वीडन के गोथेनबर्ग में आयोजित स्पेशल ओलंपिक्स गोथिया कप-2026 में भारत का प्रतिनिधित्व किया।प्रतियोगिता के ‘स्पेशल ट्रॉफी’वर्ग में भारतीय टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कांस्य पदक (ब्रॉन्ज मेडल)अपने नाम किया। तीसरे स्थान के मुकाबले में भारत ने फिनलैंड को 2-1 से हराकर इतिहास

 

खिलाड़ी सत्यांशु ने बताया कि फुटबॉल खेलने के लिए वह विदेश गया हुआ था। जिन्होंने इंडिया टीम में छत्तीसगढ़ से सिलेक्शन हुआ था और फुटबॉल खेल कर उनको बहुत अच्छा लगा खेल को इंजॉय करते हुए खेला, धमतरी पहुंचने पर उनका भव्य स्वागत किया गया,जहां पर बच्चों के साथ खूब डांस भी किया।सत्यांशु की मां रम्भा दीप ने बताया कि सत्यांशु स्वीडन गया था,तो विश्वास था की कुछ ना कुछ करके आएगा, और विश्वास बना रहा,जिसके चलते वह तीसरे स्थान पर आया,काफी खुशी है,बताया गया कि वहां पर बहुत सारे बच्चे थे जिससे लग रहा था कि और भी बाकी लोग बाजी मारेंगे,लेकिन सत्यांशु पर विश्वास था कि वह कुछ कर दिखाएगा,उसी विश्वास पर मोटिवेट मिला,सत्यांशु की मम्मी ने संदेश देते हुए कहा स्पेशल बच्चों पर थोड़ी बहुत ध्यान दें पालकों का ध्यान देना बहुत जरूरी होता है,और सपोर्ट करेंगे तो बिल्कुल आगे बढ़ेंगे।उपलब्धि पर गर्व है सार्थक स्कूल के संस्थापक सरिता जोशी ने बताया कि सत्यांशु के उपलब्धि पर गर्व का अनुभव कर रहे हैं। क्योंकि जितनी उम्मीद की थी उससे काफी अच्छा परिणाम आया है,सत्यांशु में हुनर तो था ही और लगता था कि बच्चा बहुत आगे जाएगा, लेकिन उम्मीद नहीं थी इतनी जल्दी ऊंची उड़ान भर लेगा,जिसको लेकर खुशी जाहिर किया गया और सार्थक स्कूल के सभी बच्चे खुश हैं,सभी बच्चे बोल नहीं पाए लेकिन खुशी ऐसे जाहिर किया कि सत्यांशु कमाल करके आया है,सत्यांशु का तरह-तरह से सेलिब्रेट किया गया है।कोच नागेश ठाकुर ने बताया कि स्पेशल बच्चों में यह होता है कि उनको जो बोला जाए उसको लेकर डिसिप्लिन बहुत अच्छा होता है,और वैसे ही सत्यांशु ने ट्रेनिंग में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया,और काफी अच्छे से ट्रेनिंग किया सत्यांशु ने पहले भी काफी मेडल अपने नाम किया है।इस दौरान सार्थक के संरक्षक मदनमोहन खंडेलवाल,अध्यक्ष डॉ सरिता दोशी, सचिव स्नेहा राठौड़, कोषाध्यक्ष वर्षा खंडेलवाल, कार्यकारिणी सदस्य पायल खंडेलवाल,प्रतिभा अग्रवाल, सहसचिव वंदना मिराणी , समाज सेवी आकाश कटारिया, शिवा प्रधान,रितु प्रधान,बसंत कुमार बिश्नोई, दिव्यांग चेतना जन कल्याण समिति की अध्यक्ष संतोषी बिश्नोई, शिक्षक घनश्याम साहू,प्रशिक्षक मैथिली गोडे़, देविका दीवान, कौशिल्या यादव, काजल रजक, सुनैना गोड़े ,सोनिया नायक,अभिषेक, सत्यांशु की माता रंभा दीप,शीतल दीप,हिमांशु दीप, पंकज बांधोर, प्राइमरी स्कूल के प्रधानपाठक नोमेश सिन्हा, थामस कुमार,सीमा मसीह शामिल थे। समाज कल्याण विभाग धमतरी की उपसंचालक डॉ मनीषा पांडे ने बुके भेंट कर सत्यांशु का उत्साह बढ़ाया।

Author Desk

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