दशकों से नक्सलवाद का कष्ट झेल रही भारत भूमि अब अलोकतांत्रिक विचारधारा से पूरी तरह मुक्त हुई : डॉ रमन सिंह

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने गृह मंत्री अमित शाह को लिखा पत्र
रायपुर। विधानसभा अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर नक्सलवाद से मुक्ति पर उनका आभार जताया है। उन्होंने पत्र में लिखा है कि 31 मार्च 2026 का यह ऐतिहासिक दिन राष्ट्र के लिए एक नई आशा और नई सुबह लेकर आया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और आपके दृढ़ संकल्प से दशकों से नक्सलवाद के कष्ट झेल रही भारत भूमि अब अलोकतांत्रिक विचारधारा से पूरी तरह मुक्त हुई है।
डॉ. रमन सिंह ने आगे लिखा है कि संविधान विरोधी शक्तियों ने दशकों से भारत भूमि को भीतर से चोट पहुंचाई है। माओ और लेनिन जैसी लोकतंत्र विरोधी विचारधारा ने नक्सलबाड़ी से लेकर बस्तर तक हजारों निर्दोष लोगों को अपना शिकार बनाया, विकास को बाधित कर आदिवासियों को मुख्यधारा से अलग करने का काम किया और इसका परिणाम हमने छत्तीसगढ़ की धरती पर देखा है। जिस छत्तीसगढ़ में धान का कटोरा बनने का सामर्थ्य था, उसे भुखमरी और पलायन के दौर से गुजरना पड़ा। इस परिस्थिति के लिए जितनी जिम्मेदार नक्सलवाद की विचारधारा थी, उतनी ही जिम्मेदार तत्कालीन केंद्र सरकार भी रही।
उन्होंने आगे लिखा कि मुझे याद है जब मैं मुख्यमंत्री के रूप में राष्ट्रीय स्तर की बैठकों में जाया करता था, तब यूपीए सरकार के मंत्री नक्सलवाद को राज्य की समस्या मानकर स्वयं को किनारे कर लेते थे। हालांकि बाद में यूपीए सरकार के प्रधानमंत्री रहे मनमोहन सिंह ने स्पष्ट रूप से यह माना कि नक्सलवाद किसी राज्य की समस्या नहीं बल्कि राष्ट्र की समस्या है और देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा है। वो इसे समस्या तो मानते थे लेकिन समाधान नहीं करते थे। छत्तीसगढ़ से जब सलवा जुडूम के तौर पर एक स्वफूर्त आंदोलन उठा तब महेंद्र कर्मा जैसे बस्तर के कांग्रेसी नेताओं ने भी नक्सलवाद का पुरजोर विरोध किया, लेकिन उस दौर की केंद्र सरकार ने कभी खुलकर उनका समर्थन नहीं किया।
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने आगे लिखा कि मैं मानता हूं कि यदि उस कालखंड में देश को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नेतृत्व मिला होता और गृहमंत्री के रूप में आपका सहयोग प्राप्त होता तो नक्सलवाद मुक्त भारत के लक्ष्य को हम तब ही पूरा कर लेते, लेकिन देर से ही सही पर जब 2014 में माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के प्रधानमंत्री पद का दायित्व संभाला उसी दिन से नक्सलवाद के समूल नाश की योजना प्रारंभ हुई और जब 2019 में आप केंद्रीय गृहमंत्री के तौर पर सामने आए तब हम छत्तीसगढ़वासियों का यह विश्वास दृढ़ हो गया कि अब सिर्फ छत्तीसगढ़ ही नहीं बल्कि पूरा देश नक्सलवाद के दंश से मुक्त होगा।
रमन सिंह ने आगे लिखा, आज मैं पूरे जिम्मेदारी के साथ यह बात लिख रहा हूं कि आजादी के नाद 562 रियासतों का भारत में विलय कराने वाले “लौह पुरुष” सरदार वल्लभ भाई पटेल के उपरांत यदि देश को कोई सबसे मजबूत गृहमंत्री मिला है तो वह आप “साध्य पुरुष” हैं। जिन्होंने राष्ट्रहित में हर असंभव कार्य को संभव किया है, सदियों के बाद जब भारत के इतिहास का उल्लेख होगा तब देश को आंतरिक रूप से सुरक्षित करने में आपके योगदान को स्वर्णिम अक्षरों में अंकित किया जाएगा।
बस्तर में नक्सलवाद खत्म, विकास का नया दौर शुरू :
अंत में उन्होंने लिखा कि अब जब बस्तर में नक्सलवाद खत्म हो चुका है, यहां विकास का नया दौर शुरू होगा। हमारे आदिवासी भाई-बहनों को रोजगार के बेहतर अवसर मिलेंगे और युवा वर्ग को शिक्षा व कौशल विकास के जरिए आगे बढऩे का मौका मिलेगा। अब बस्तर के लोग आत्मनिर्भर बनकर सम्मान के साथ जीवन जी सकेंगे और क्षेत्र तेजी से प्रगति की राह पर आगे बढ़ेगा। मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और राष्ट्र के प्रति उनके समर्पण को प्रणाम करते हुए आपके योगदान, आपकी दृढ़ इच्छाशक्ति और राष्ट्र के नव आरंभ पर हृदय से शुभकामनाएं व्यक्त करता हूं और छत्तीसगढ़ की 3 करोड़ जनता की तरफ से आपका आभार व्यक्त करता हूं कि आपने हमारे छत्तीसगढ़ को न सिर्फ नक्सलवाद से मुक्ति दिलाई है बल्कि अब विकास की ओर एक नव दिशा में आगे बढऩे में मार्ग प्रशस्त किया है।



