निगम मुस्तैद, पार्षद की राजनीति बेनकाब: जल समस्या पर त्वरित एक्शन, भ्रम फैलाने की कोशिश नाकाम

धमतरी। नगर निगम क्षेत्र के वार्ड क्रमांक 10 में पेयजल व्यवस्था को लेकर उठे विवाद के बीच निगम प्रशासन की सक्रियता और त्वरित कार्रवाई सामने आई है। जल विभाग के सभापति अखिलेश सोनकर ने स्पष्ट किया है कि मामले को अनावश्यक रूप से तूल देकर कुछ जनप्रतिनिधि अपनी लोकप्रियता बढ़ाने का प्रयास कर रहे हैं, जबकि निगम पूरी जिम्मेदारी के साथ कार्य कर रहा है।
जानकारी के अनुसार, हाल ही में सर्विस वायर में तकनीकी खराबी के कारण पानी की आपूर्ति प्रभावित हुई थी। इस संबंध में पार्षद द्वारा निगम पर लापरवाही के आरोप लगाए गए, जबकि वास्तविकता इससे अलग नजर आई। सभापति अखिलेश सोनकर ने बताया कि 16 अप्रैल की शाम उन्हें इस समस्या की सूचना मिली थी, उस समय तक निगम के कर्मचारी कार्य से जा चुके थे। इसके बावजूद उन्होंने पार्षद को आश्वस्त किया कि अगले ही दिन सुबह टीम भेजकर समस्या का समाधान कर दिया जाएगा।
सोनकर ने यह भी बताया कि प्रभावित क्षेत्र के नागरिकों को असुविधा न हो, इसके लिए वैकल्पिक व्यवस्था के तहत पानी के टैंकर उपलब्ध कराने के निर्देश तत्काल दिए गए थे। उन्होंने कहा कि निगम की प्राथमिकता हमेशा जनता को सुचारू सेवाएं उपलब्ध कराना है और इस दिशा में कोई भी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाती।
इधर, सभापति ने स्वयं स्टोर रूम का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि भविष्य में ऐसी स्थिति न बने, इसके लिए सतत निगरानी रखी जाए।
निगम सूत्रों के अनुसार, तकनीकी समस्या का समाधान निर्धारित समय पर कर दिया गया, लेकिन इसके बावजूद पार्षद द्वारा मामले को बढ़ा-चढ़ाकर प्रस्तुत करना सवाल खड़े करता है। शहर में यह चर्चा भी है कि जनहित के बजाय व्यक्तिगत छवि चमकाने के उद्देश्य से इस तरह के आरोप लगाए जा रहे हैं।
निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि वह पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ कार्य कर रहा है तथा किसी भी समस्या का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाता है। नागरिकों से भी अपील की गई है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी समस्या की जानकारी सीधे निगम को दें, ताकि त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।


