दूषित पानी सप्लाई को लेकर निगम कार्यालय का घेराव, मटकी फोड़ प्रदर्शन में हंगामा

धमतरी- डाक बंगला वार्ड में दूषित पानी की सप्लाई को लेकर गुरुवार को नगर निगम कार्यालय में जमकर हंगामा देखने को मिला। डाक बंगला वार्ड के रहवासियों ने कांग्रेसी पार्षदों के नेतृत्व में निगम कार्यालय का घेराव कर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने हाथों में मटकी लेकर निगम दफ्तर के मुख्य गेट पर धरना दिया और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
वार्डवासियों का आरोप था कि पिछले कई दिनों से बदबूदार और मटमैला पानी सप्लाई किया जा रहा है, जिससे लोगों की तबीयत खराब हो रही है। लोगों ने कहा कि बार-बार शिकायत के बावजूद समस्या का समाधान नहीं किया जा रहा है, जिससे आम नागरिकों में भारी नाराजगी है।
प्रदर्शन के दौरान स्थिति उस समय तनावपूर्ण हो गई जब प्रदर्शनकारियों और निगम के डिप्टी कमिश्नर के बीच तीखी बहस हो गई। नाराज लोगों ने विरोध जताते हुए डिप्टी कमिश्नर के पैरों के सामने मटकी फोड़ दी। इसके बाद माहौल और गर्मा गया।
इसी बीच कुछ प्रदर्शनकारी निगम आयुक्त और महापौर के चैंबर तक पहुंचने की कोशिश करने लगे, जिसे लेकर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प की स्थिति बन गई। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने का प्रयास किया, जिसके बाद निगम कार्यालय का मुख्य गेट बंद कर दिया गया। काफी देर तक निगम परिसर में तनाव का माहौल बना रहा।
कांग्रेसी पार्षदों ने निगम प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि जनता को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना निगम की जिम्मेदारी है, लेकिन अधिकारी अपनी जिम्मेदारी से बचने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन और उग्र किया जाएगा।
वहीं महापौर रामु रोहरा ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि वर्षों से बंद पड़ी पाइपलाइन को हाल ही में दोबारा चालू किया गया है। शुरुआती दिनों में पाइपलाइन की सफाई के कारण गंदा पानी आने की स्थिति बनी थी, जिसकी जानकारी पहले ही संबंधित पार्षदों को दे दी गई थी। उन्होंने कहा कि कांग्रेसी पार्षद केवल सस्ती लोकप्रियता हासिल करने के लिए अनावश्यक प्रदर्शन कर रहे हैं।



