छत्तीसगढ़

सुशासन तिहार बना राहत की उम्मीद, लोकेश्वरी को मिला स्पष्ट दृष्टि का उपहार


समाधान शिविर में तत्काल जांच के बाद मिला निःशुल्क चश्मा, चेहरे पर लौटी मुस्कान

धमतरी- सुशासन तिहार के अंतर्गत ग्राम पंचायत पिपरछेड़ी में आयोजित समाधान शिविर ग्रामीणों के लिए समस्याओं के समाधान के साथ संवेदनशील शासन की मिसाल बनकर सामने आया। शिविर में ग्राम पिपरछेड़ी निवासी श्रीमती लोकेश्वरी को वर्षों से चली आ रही आंखों की समस्या से तत्काल राहत मिली, जिसके बाद उनके चेहरे पर संतोष और आत्मविश्वास की मुस्कान लौट आई।

श्रीमती लोकेश्वरी पिछले काफी समय से आंखों की कमजोरी से परेशान थीं। उन्हें पास की वस्तुएं और लिखी हुई सामग्री स्पष्ट दिखाई नहीं देती थी। इसके कारण घर के दैनिक कार्य, राशन संबंधी दस्तावेज पढ़ने और अन्य सामान्य गतिविधियों में काफी परेशानी हो रही थी। सीमित संसाधनों और ग्रामीण परिवेश के कारण वे नियमित नेत्र परीक्षण भी नहीं करा पा रही थीं, जिससे समस्या लगातार बढ़ती जा रही थी।

समाधान शिविर में पहुंचकर उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के समक्ष अपनी समस्या रखी। आवेदन मिलते ही स्वास्थ्य विभाग की टीम ने तत्परता दिखाते हुए उनकी आंखों की जांच की। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. यू.एल. कौशिक के मार्गदर्शन में चिकित्सकों द्वारा परीक्षण के बाद उन्हें तत्काल निःशुल्क चश्मा उपलब्ध कराया गया।

चश्मा पहनते ही जब लोकेश्वरी ने पास रखी वस्तुओं और लिखी सामग्री को स्पष्ट रूप से देखा, तो उनके चेहरे पर खुशी साफ नजर आई। भावुक होकर उन्होंने कहा कि अब उन्हें काफी राहत महसूस हो रही है और वे पहले की तुलना में अपने दैनिक कार्य आसानी से कर पा रही हैं।

उन्होंने जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग एवं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सुशासन तिहार जैसे शिविर ग्रामीणों के लिए बेहद उपयोगी साबित हो रहे हैं, जहां समस्याओं का त्वरित और सम्मानजनक समाधान मिल रहा है।

लोकेश्वरी ने बताया कि उन्हें महतारी वंदन योजना का लाभ भी नियमित रूप से मिल रहा है, जिससे परिवार की जरूरतें पूरी करने में सहायता मिल रही है।

ग्राम पिपरछेड़ी की यह कहानी दर्शाती है कि जब शासन संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ लोगों तक पहुंचता है, तब योजनाएं केवल सुविधा नहीं, बल्कि लोगों के जीवन में आत्मविश्वास, सम्मान और नई उम्मीद भी लेकर आती हैं।

Author Desk

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