छत्तीसगढ़

धमतरी में सकल जैन श्री संघ की मौन रैली, साधु-साध्वियों की सुरक्षा को लेकर उठी मजबूत आवाज


धमतरी- जैन साधु-साध्वियों पर लगातार बढ़ रही घटनाओं एवं हमलों के विरोध में मंगलवार को सकल जैन श्री संघ धमतरी के नेतृत्व में विशाल मौन रैली एवं ज्ञापन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। समाज के सभी वर्गों की सहभागिता से आयोजित इस कार्यक्रम में महिलाओं, युवाओं, वरिष्ठजनों एवं बच्चों सहित बड़ी संख्या में समाजजन शामिल हुए। पूरे आयोजन में अनुशासन, एकता और शांतिपूर्ण विरोध की मिसाल देखने को मिली।
मौन रैली शहर के घड़ी चौक से प्रारंभ हुई, जो गोल बाजार, सदर मार्ग, कचहरी चौक होते हुए गांधी मैदान पहुंची। रैली के दौरान समाजजन हाथों में तख्तियां एवं बैनर लेकर चल रहे थे, जिनमें जैन साधु-साध्वियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने, दोषियों पर कठोर कार्रवाई करने तथा धार्मिक संतों के सम्मान की रक्षा करने की मांग की गई। मौन रैली के कारण पूरे शहर में गंभीर एवं भावनात्मक वातावरण निर्मित हो गया। राहगीरों एवं व्यापारियों ने भी रैली को समर्थन दिया।
गांधी मैदान पहुंचने के बाद सभा का आयोजन किया गया, जहां समाज के प्रतिनिधियों ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि विगत कई वर्षों से देशभर में जैन साधु-साध्वियों के साथ लगातार अप्रिय घटनाएं सामने आ रही हैं, जिससे संपूर्ण जैन समाज आहत एवं चिंतित है। उन्होंने कहा कि जैन संत समाज त्याग, तपस्या, अहिंसा और शांति का संदेश देता है, फिर भी उनके साथ हो रही घटनाएं अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय हैं।
सभा के पश्चात सकल जैन श्री संघ के प्रतिनिधिमंडल ने एसडीएम पीयूष तिवारी को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में विशेष रूप से मध्यप्रदेश के रीवा में जैन साध्वी श्री श्रुतवति माताजी एवं उपशम मति माताजी सहित साध्वी समुदाय के साथ हुई घटना पर गहरा दुख एवं आक्रोश व्यक्त किया गया। समाजजनों ने मांग की कि इस प्रकार की घटनाओं पर तत्काल कठोर कार्रवाई हो तथा जैन साधु-साध्वियों की सुरक्षा के लिए प्रभावी एवं स्थायी व्यवस्था बनाई जाए।
समाज के पदाधिकारियों ने कहा कि जैन समाज सदैव शांति, सद्भाव और अहिंसा का पक्षधर रहा है, लेकिन साधु-साध्वियों की सुरक्षा को लेकर अब समाज को एकजुट होकर आवाज उठानी पड़ रही है। उन्होंने प्रशासन एवं शासन से मांग की कि धार्मिक संतों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
कार्यक्रम के अंत में सकल जैन श्री संघ के सभी सदस्यों ने एकजुटता का परिचय देते हुए जैन साधु-साध्वियों की सुरक्षा एवं सम्मान के लिए निरंतर आवाज बुलंद करने का संकल्प लिया।

Author Desk

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