15 दिन से धधक रहा कचरा संग्रहण केंद्र, जहरीले धुएं से त्रस्त वार्डवासियों ने किया घेराव

“जहरीला धुआं नहीं सहेंगे, निगम प्रशासन होश में आओ” के नारों से गूंजा परिसर
धमतरी-सोरिद स्थित कचरा संग्रहण केंद्र में पिछले 15 दिनों से लगी आग के कारण उठ रहे जहरीले धुएं से परेशान वार्डवासियों का गुस्सा शुक्रवार को फूट पड़ा। सोरिद कॉलोनी एवं जोधापुर डाक बंगला वार्ड के सैकड़ों महिला-पुरुषों ने कांग्रेस पार्षदों के नेतृत्व में कचरा संग्रहण केंद्र का घेराव कर नगर निगम प्रशासन के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया।
दोपहर करीब 12 बजे बड़ी संख्या में नागरिक हाथों में तख्तियां लेकर कचरा केंद्र पहुंचे और “जहरीला धुआं नहीं सहेंगे”, “निगम प्रशासन होश में आओ”, “हजारों जिंदगी दांव पर, निगम शर्म करो” तथा “NGT के नियम तोड़ना बंद करो” जैसे नारे लगाए। प्रदर्शनकारियों ने कुछ समय के लिए कचरा संग्रहण केंद्र के मुख्य द्वार पर धरना देते हुए कचरा वाहनों की आवाजाही भी रोक दी।
प्रदर्शन के दौरान वार्डवासियों ने आरोप लगाया कि पिछले 15 दिनों से कचरे में लगी आग से निकलने वाला जहरीला धुआं पूरे क्षेत्र में फैल रहा है, जिससे लोगों का घरों में रहना मुश्किल हो गया है। धुएं के कारण आंखों में जलन, सांस लेने में तकलीफ, खांसी और अन्य स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बढ़ रही हैं। बच्चों, बुजुर्गों और अस्थमा के मरीजों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
नेता प्रतिपक्ष दीपक सोनकर ने कहा कि धुएं के कारण लोगों का घरों से निकलना तक दूभर हो गया है। रातभर खांसी और सांस की परेशानी से लोग सो नहीं पा रहे हैं। वहीं उपनेता प्रतिपक्ष विशु देवांगन ने कहा कि क्षेत्र में श्वसन रोग, आंखों में जलन और त्वचा संबंधी समस्याओं के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहीं पार्षद सुमन मेश्राम ने निगम प्रशासन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि हजारों परिवारों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ट्रेंचिंग ग्राउंड में आग लगना नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) के नियमों का खुला उल्लंघन है। यदि आग पर तत्काल पूरी तरह नियंत्रण नहीं किया गया और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई तो वार्डवासी उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
प्रदर्शन के दौरान कचरा संग्रहण केंद्र पहुंचे निगम इंजीनियर कमलेश ठाकुर को भी आक्रोशित वार्डवासियों एवं कांग्रेस पार्षदों ने घेरकर अपनी नाराजगी जताई और जल्द से जल्द आग बुझाने तथा स्थायी समाधान की मांग की।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि सोरिद काली मंदिर, जोधापुर और डाक बंगला क्षेत्र के तीन हजार से अधिक परिवार इस समस्या से प्रभावित हैं। कचरा जलने से निकलने वाले डाइऑक्सिन, फ्यूरान, कार्बन मोनोऑक्साइड एवं पीएम 2.5 जैसे खतरनाक प्रदूषक लोगों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा कर रहे हैं।
प्रदर्शन में पार्षद योगेश लाल, सूर्यप्रभा चटियार, शास्त्री सोनवानी, गणेश्वरी कामड़े, अमित बागमारिया, रोशनी ढीमर, अग्निबाई, साधना देवांगन, बसंता मंडावी, मोतिम मेश्राम, राजू यादव, पकलू ढीमर, केकती बाई, मिथिलेश बाई, तामेश्वरी ध्रुव, तरुणा बाई, जोहत्री बाई सहित बड़ी संख्या में महिलाएं एवं वार्डवासी उपस्थित रहे।



