मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना पर विधानसभा में सवाल, नकली मंगलसूत्र देने का मुद्दा भी गूंजा

मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना पर विधानसभा में सवाल, नकली मंगलसूत्र देने का मुद्दा भी गूंजा
रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र में मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना को लेकर सरकार और विपक्ष आमने-सामने आ गए। कांग्रेस विधायक अनिला भेडिय़ा ने योजना में कथित वित्तीय विसंगतियों और नवविवाहित जोड़ों को दिए जाने वाले मंगलसूत्र की गुणवत्ता का मुद्दा सदन में उठाया।
अनिला भेडिय़ा ने सरकार से पूछा कि बालोद जिले में पिछले दो वर्षों के दौरान मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत कितने सामूहिक विवाह कार्यक्रम आयोजित किए गए और कितने जोड़ों का विवाह कराया गया। जवाब में महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने बताया कि पिछले दो वर्षों में बालोद जिले में योजना के तहत करीब 400 जोड़ों का विवाह कराया गया है।
इस पर अनिला भेडिय़ा ने मंत्री के जवाब पर सवाल उठाते हुए कहा कि सदन में गलत जानकारी दी जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि योजना के क्रियान्वयन को लेकर शिकायतें मिली हैं और सरकार से पूछा कि क्या इस मामले में जांच कर कार्रवाई की जाएगी। मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने जवाब में कहा कि बालोद जिले से आवेदन प्रक्रिया या विवाह आयोजन को लेकर कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। इसलिए कार्रवाई का प्रश्न नहीं उठता।
चर्चा के दौरान अनिला भेडिय़ा ने नवविवाहित महिलाओं को दिए जाने वाले मंगलसूत्र का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि पहले कम बजट होने के बावजूद चांदी का मंगलसूत्र दिया जाता था, लेकिन अब योजना का बजट बढक़र 50 हजार रुपये होने के बावजूद कथित तौर पर नकली मंगलसूत्र दिए जा रहे हैं। उन्होंने सरकार से इसका कारण पूछा। इस पर मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि बालोद जिले से इस संबंध में कोई शिकायत नहीं मिली है। यदि किसी स्तर पर शिकायत प्राप्त होती है तो नियमानुसार उसकी जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।



