14 करोड़ के विकास में प्रकृति का ख्याल, सरोना स्टेशन पर सुरक्षित रहे पुराने पेड़

अमृत भारत योजना के तहत सरोना समेत छत्तीसगढ़ के तीन स्टेशनों का लोकार्पण
रायपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत देशभर में पुनर्विकसित रेलवे स्टेशनों का वर्चुअल लोकार्पण किया। इस योजना के तहत छत्तीसगढ़ के सरोना, चांपा और बालोद रेलवे स्टेशन भी शामिल हैं। राजधानी रायपुर के सरोना रेलवे स्टेशन को करीब 14 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक सुविधाओं के साथ पुनर्विकसित किया गया है। स्टेशन को यात्रियों की सुविधा और बेहतर यात्री अनुभव को ध्यान में रखते हुए नए स्वरूप में तैयार किया गया है।
पुनर्विकसित सरोना स्टेशन में 95 वर्गमीटर का नया कॉनकोर्स भवन, करीब 2000 वर्गमीटर का विकसित सर्कुलेटिंग एरिया, नया फुट ओवरब्रिज, 7 प्लेटफॉर्म शेल्टर, 2800 वर्गमीटर प्लेटफॉर्म अपग्रेडेशन, 2 लिफ्ट, आधुनिक प्रतीक्षालय, उन्नत शौचालय, दूसरा प्रवेश द्वार और पर्याप्त पार्किंग जैसी सुविधाएं विकसित की गई हैं। इसके अलावा स्टेशन में एकीकृत यात्री सूचना प्रणाली, सीसीटीवी कैमरे और आकर्षक परिसर तैयार किया गया है। स्टेशन परिसर को छत्तीसगढ़ की लोक कला की झलक के साथ सजाया गया है, जिससे इसे स्थानीय संस्कृति से जोड़ा गया है।
सरोना रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास की खास बात यह है कि निर्माण कार्य के दौरान पुराने पेड़ों को भी संरक्षित रखा गया है। स्टेशन परिसर में मौजूद 6 से अधिक पेड़ों को बचाया गया है। इनमें एक पेड़ प्लेटफॉर्म के बीच स्थित है, जो अब स्टेशन की अलग पहचान बन गया है। इसके अलावा परिसर के तीन अन्य बड़े पेड़ों को भी सुरक्षित रखा गया है।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत विकसित किए जा रहे ये स्टेशन यात्रियों को आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ-साथ स्थानीय संस्कृति और पर्यावरण संरक्षण का भी संदेश देंगे।



